यह कहानी नहीं वास्तविकता है। एटा की कांशीराम कॉलोनी निवासी इस बच्चे के माता-पिता का कुछ समय पहले तलाक हो गया था। मां दिल्ली चली गई पर तीन भाई-बहन एटा में पिता के साथ ही रहने लगे। पिता ने दूसरी शादी कर ली। यह बच्चा अवंतीबाई स्कूल में पढ़ने लगा।
पिता तो अपनी नई गृहस्थी में रम गया, लेकिन यह बच्चा मां को नहीं भुल सका। सोमवार को इस बच्चे ने साइकिल उठाई और अपनी मां से मिलने के लिए दिल्ली निकल पड़ा। चार घंटे साइकिल चला कर वह करीब 35 किमी दूर सिकंदराराऊ पहुंचा। इतनी देर तक साइकिल चलाने के कारण वह बुरी तरह थक गया।
यहां उसने एक ई-रिक्शा चालक को पांच रुपये देकर उसे दिल्ली छोड़ने के लिए कहा। ई-रिक्शा चालक उस बच्चे की हालत देख उसे कोतवाली में छोड़ गया। यहां कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने इस बच्चे से पूरी जानकारी ली। बाद में पुलिस ने बच्चे के पिता को बुलाया और उसके सुपुर्द कर दिया। हालांकि बच्चा अपनी मां से मिलने के लिए बार-बार रोता रहा।