अम्मा बहुत काम करवाती थी। थक जाने और काम न कर पाने पर मारती थी। कई बार खाना भी नहीं देती थी। यह कहना है नौ साल के बच्चे का, जिसे चाइल्ड लाइन की सहयोगी संस्था एफएक्सबी इंडिया सुरक्षा ने नोएडा पुलिस की मदद से छुड़ाया है। निठारी में रहने वाले एक परिवार ने उसे पांच साल से बंधक बना रखा था।
एफएक्सबी इंडिया सुरक्षा के कार्यक्रम अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया कि सूचना मिली थी कि करीब नौ साल का बच्चा निठारी में किराये के मकान में रहने वाले रिक्शा चालक नरोत्तम और उसके परिवार के साथ रह रहा है। सूचना थी कि यह बच्चा उनका नहीं है और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। रविवार को मौके पर पहुंचकर पुलिस की मदद से बच्चे को मुक्त करा लिया।
नरोत्तम के मुताबिक करीब पांच साल पहले बच्चा सेक्टर-30 स्थित डीपीएस नोएडा की लाल बत्ती के पास उन्हें मिला था। बच्चा संभवत: डीपीएस की यूनिफार्म में था और उसके पास पानी की एक बोतल भी थी। नरोत्तम ने उसका बैग और आईडी कार्ड नष्ट कर दिया था। साथ ही बच्चे का नाम शिवा रखा था। नरोत्तम का दावा है कि बच्चा मिलने की सूचना उसने स्थानीय पुलिस को दी थी। उसकी अपनी दो संतान है।
वहीं बच्चे का कहना है कि अम्मा उसे पीटती थी (नरोत्तम की पत्नी)। बच्चे की आंख के पास चोट के निशान मिले हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद बच्चे को बाल संरक्षण गृह में रखा गया है। सत्य प्रकाश ने बताया कि एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने गुमशुदा बच्चों की लिस्ट खंगालने और बच्चे के मां-बाप को खोजने का आश्वासन दिया है। सत्यप्रकाश का कहना है कि इस मामले में डीपीएस नोएडा की प्रिंसिपल का कहना है कि उनकी जानकारी में स्कूल का कोई भी बच्चा बीते चार से पांच साल में गायब नहीं हुआ है।