देश की राजधानी दिल्ली में एक और बड़ा हादसा हुआ है। शाहदरा के विवेक विहार में एक 4-मंजिला इमारत में आग लग गई है। भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की मौत हो गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत इमारत की दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से में स्थित एयर कंडीशनर (एसी) में विस्फोट के कारण हुई। यह घटना तड़के करीब 3:30 बजे हुई, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग की लपटें तुरंत फैल गईं और तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं।
विवेक विहार की जिस इमारत में आग लगी तो देखते ही देखते चौथी मंजिल पर पहुंच गई। चौथी मंजिल पर मौजूद लोगों ने किसी तरह अपने फ्लैट का दरवाजा खोला और सीढ़ियों तक गए लेकिन ममटी (छत पर जाने का दरवाजा) का गेट दोनों ओर से बंद था। इस वजह से परिवार के तीन लोगों की वहीं सीढ़ियों पर झुलसकर मौत हो गई। इनके शव दमकलकर्मियों के यहीं पड़े मिले।
इमारत में रहने वाले मनोज जैन ने बताया कि इस पूरी इमारत में 400-400 गज के फ्लैट में सामने की ओर चार परिवार पुनीत जैन, राजकुमार अरोड़ा, मनोज जैन और डॉ. सुधीर मित्तल के परिवार रहते हैं। वहीं जहां लोग हताहत हुए वहां पीछे की ओर कमल कुमार गोयल, लखमी चंद जैन, अरविंद जैन और नितिन जैन के परिवार रहते थे। इमारत के सामने की ओर मौजूद लोगों की सामान्य बालकनी बनी है। पीछे की ओर बने फ्लैटों की बालकनी पिछली ओर मौजूद सर्विस रोड पर खुलती है। सिक्योरिटी और बंदरों से बचने के लिए सभी चारों फ्लैट मालिकों ने मिलकर लोहे का मजबूत और भारी भरकम जाल बनाकर उसे पूरी तरह पैक किया हुआ है।
इमारत में आग लगी तो पहली मंजिल के आगे और पीछे वाले फ्लैट के लोग तुरंत सुरक्षित निकल गए जबकि दूसरी मंजिल के बाद ज्यादातर लोग वहीं पर फंस गए। सामने की ओर मौजूद लोगों को दमकल कर्मियों ने निकाल लिया जबकि पीछे मौजूद लोगों की जान चली गई। पुलिस जांच में पता चला कि चौथी मंजिल के दोनों ओर के फ्लैट मालिकों ने छत पर जाने के लिए ममटी के दरवाजों को लॉक किया हुआ था। ममटी का दरवाजा खुला होता तो शायद नितिन जैन का परिवार बच जाता।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिल्डिंग में आग की बजह से बिजली नहीं थी, पूरी बिल्डिंग में चारों तरफ अंधेरा था। लोगों के चीखने और बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाईं दे रहीं थी। धुंआ, इतना ज्यादा था कि फंसे लोगों की आंखों में जलन व दम घुट रहा था। जान बचाने के लिए सब इधर उधर भागे लेकिन धुंऐ के कारण लोगों का दम घुट गया। दर्जनों लोग जो झुलसने व दम घुटने के कारण अचेत पड़े थे, उन्हें मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने निकाल कर जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं मृतकों की पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैम्पल लिए गए हैं। ताकि शवों की शिनाख्त की जा सके।
चोरों की आशंका से बचने के इंतजाम ने ही ले ली जान
सी-ब्लॉक के एक आरडब्ल्यूए अधिकारी ने बताया कि विवेक विहार जैसे पॉश एरिया में लोगों ने सर्विस लेन में किसी वारदात की आशंका से बचने के लिए पीछे की ओर जाल लगाकर उसे पैक किया हुआ है। 10-15 साल पहले कई वारदातें हुई, जिसमें चोरों ने पीछे से मकान में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में उससे बचने के लिए लोगों ने जाल लगवाए हैं। यही जाल जानलेवा साबित हुआ।