घटना सेंट्रल दिल्ली के व्यस्तम इलाकों में से एक, अजमेरी गेट की है। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, तलवार से हमले की पीसीआर कॉल कमला मार्केट थाने को मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि गन्ने के जूस की दुकान पर झगड़ा हुआ था। झगड़े में दुकान के 35 वर्षीय कर्मचारी के बाएं हाथ की कलाई कट गई। पीसीआर कर्मियों ने घायल को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया। लोगों ने मौके पर ही दो निहंगों, गगनदीप सिंह (21) और बलजीत सिंह (30) को पकड़ा। ये दोनों भाई पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं और उनके पास तलवारें थीं। उन्होंने दुकान से गन्ने का जूस लिया था। दो गिलास जूस के 60 रुपये के भुगतान पर विवाद हुआ। वे 50 रुपये देने पर अड़े थे।
विवाद बढ़ने पर गगनदीप सिंह ने कथित तौर पर पीड़ित पर तलवार से हमला कर दिया। इससे उसके बाएं हाथ में गहरा घाव हो गया। एलएनजेपी अस्पताल में पीड़ित का मेडिकल कराया गया है, जहां चोट की प्रकृति पर डॉक्टर नजर रख रहे हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित के बयान पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आगे की जांच जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जूस विक्रेता और निहंगों के बीच रुपयों की बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निहंगों ने अपनी तलवारें म्यान से बाहर निकाल लीं।
इससे पहले कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, एक निहंग ने जूस वाले पर सीधा तलवार से वार कर दिया। हमले में जूस वाले का हाथ बुरी तरह कट गया और वह दर्द से चिल्लाते हुए वहीं गिर पड़ा। सड़क पर चारों तरफ सिर्फ खून ही खून बिखर गया। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे निहंगों को देखकर वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी निहंगों को मौके पर ही खदेड़कर पकड़ लिया।
स्थानीय लोगों ने आरोपियों को दबोचा
व्यस्त सड़क पर सरेआम एक जूस वाले का हाथ काट दिया जाता है। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता से आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया है और पुलिस के हवाले कर दिया गया है। घायल जूस विक्रेता को गंभीर हालत में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कमला मार्केट थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। कमला मार्केट पुलिस अब आसपास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार इन लोगों को किसने दिया?