एनएचआरसी ने 7 जुलाई को दिल्ली और ग्रेटर नोएडा में बच्चों के डूबने की घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। जिसमें अधिकारियों की लापरवाही के कारण मानवाधिकार उल्लंघन की चिंता जताई गई है। आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली और ग्रेटर नोएडा में छोटे बच्चों के डूबने से जुड़ीं दो घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। दोनों घटनाएं 7 जुलाई की हैं। पहले मामले में दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला स्थित महेंद्र पार्क में खुले नाले में गिरने से चार साल के बच्चे की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह अकेली घटना नहीं है। हाल में राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में खुले नालों या मैनहोलों के कारण ऐसी ही मौतें हुई हैं।
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दूसरी घटना ग्रेटर नोएडा स्थित एक पार्क में हुई, जहां छह साल का एक बच्चा पानी से भरे फव्वारे में डूब गया। लोगों ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (जीएनडीए) को जलजमाव की सूचना दी थी, लेकिन अधिकारियों ने निवारक कार्यवाही नहीं की।
एनएचआरसी ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स सही हैं तो दोनों मामले मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में गंभीर चिंता पैदा करते हैं। जवाब में आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में व्यापक रिपोर्ट मांगी है।