फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएचएआई को देना ही होगा 54 करोड़ का मुआवजा, हाईकोर्ट में अपील खारिज

Mon, 10 Jun 2019 04:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
JOB Delhi high-court
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने 54 करोड़ रुपये का मुआवजा देने के आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अपील खारिज कर दी है। आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने एनएचएआई को देरी का दोषी मानते हुए पीएनसी इंफ्राटेक को 54 करोड़ का मुआवजा देने का निर्देश सितंबर 2018 में दिया था। यह मामला यूपी में गढ़मुक्तेश्वर से मुरादाबाद के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और आरओबी निर्माण में देरी से जुड़ा है। 

विज्ञापन


न्यायमूर्ति नवीन चावला ने अपील खारिज करते हुए कहा कि एनएचएआई की याचिका में कोई दम नहीं है। कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि एनएचएआई मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा करा चुकी है। कोर्ट ने यह राशि आठ सप्ताह बाद ब्याज समेत पीएनसी को देने का निर्देश दिया है। 

एनएचएआई ने पीएनसी इंफ्राटेक तथा भागीरथ इंजीनियरिंग लिमिटेड (बीईएल) के साथ फरवरी 2005 में राजमार्ग चौड़ीकरण और रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण के लिए समझौता किया था। इस निर्माण की लागत 221.42 करोड़ रुपये थी। इस कार्य की शुरुआत 31 मार्च 2005 से होनी थी और 30 सितंबर 2007 को यह पूरा होना था। 
विज्ञापन


बीईएल बाद में इस प्रोजेक्ट से अलग हो गई थी। राजमार्ग चौड़ीकरण का कार्य 22 महीने की देरी के बाद जुलाई 2009 में तथा आरओबी का कार्य 45 महीने की देरी के बाद पूरा हुआ था। इस देरी के लिए ट्रिब्यूनल ने एनएचएआई को जिम्मेदार माना था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें