भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर कट नहीं हो सकते। एनएचएआई की नियमावती के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर चढ़ने या दूसरी दिशा में जाने के लिए साइड रोड, पुल या गोलचक्कर जैसी सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
नोएडा के समाजसेवी और अधिवक्ता रंजन तोमर की ओर से दाखिल आरटीआई के जवाब में एनएचएआई ने यह जानकारी दी है। अहम है कि राष्ट्रीय राजमार्गों मसलन दिल्ली-मेरठ-दिल्ली, चंडीगढ़-दिल्ली-मथुरा आदि राजमार्गों पर कई गैरकानूनी कट बने हुए हैं, जिनके कारण कई एक्सीडेंट होते हैं और जानें जाती हैं।
इसी से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए कि कितनी दूरी पर और किस प्रकार के कट राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनाये जा सकते हैं, तोमर ने आरटीआई लगाई थी। जिसके जवाब से यह बात साफ हो चुकी है के राष्ट्रीय राजमार्गों पर न तो कोई गैरकानूनी कट बन सकते हैं बल्कि कानूनी रूप से भी दूसरी दिशा में जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर कट नहीं दिया जा सकता।
उसके लिए विशेष रूप से कुछ दिशा निर्देश दिए गए हैं, जिनके तहत ही हाईवे से दिशा बदली जा सकती है। प्राधिकरण के जवाब से यह बात तो साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच में बने हुए सभी कट अवैध और गैरकानूनी हैं। जिस पर स्वयं प्राधिकरण को भी कार्रवाई करनी होगी।