एनएच 91 पर दरिंदों का शिकार हुई बिटिया एक साल बाद भी न्याय के लिए भटक रही है। अब परिवार ने सम्मान, न्याय और मकान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है।
हर तरफ से हताश हो चुकी बिटिया ने प्रधानमंत्री को लिखे मार्मिक पत्र में सुरक्षा की भी मांग की है। आईपीएस किरन बेदी की तरह बनने की इच्छा रखने वाली बिटिया ने शासन-प्रशासन पर मदद न करने का आरोप लगाया है।
29 जुलाई 2016 की रात अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही नाबालिग और उसकी मां के साथ कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव दोस्तपुर के पास हाईवे किनारे गैंगरेप हुआ था। तत्कालीन सरकार ने मकान देने से लेकर आर्थिक मदद का एलान किया था।
चाचा और पिता के सामने हुआ गैंगरेप
मां-बेटी से गैंगरेप के आरोपियों को लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंची सीबीआई की टीम।
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बिटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे दो पेज के पत्र में कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का आप नारा देते हैं। आप समझ सकते हैं उस लड़की पर क्या बीत रही होगी जिसका गैंगरेप चाचा और पिता के सामने हुआ हो।
उस महिला पर क्या बीत रही होगी जिसका गैंगरेप उसके पति और देवर के सामने हुआ हो। वारदात के बाद पुलिस ने तीन-तीन करके छह आरोपियों को जेल भेज दिया था। उनमें से तीन आरोपी जमानत पर बाहर हैं, इसके चलते परिवार असुरक्षित महसूस करता है।
उस समय सभी दल के नेता रोज सांत्वना देते थे, लेकिन अब कोई नहीं आता। तत्कालीन सपा सरकार ने मकान देने का वादा किया था, जो आजतक पूरा नहीं हुआ। अब तो प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
बिटिया ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा
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बिटिया के मुताबिक, वह पढ़ लिखकर आईपीएस किरन बेदी की तरह बनना चाहती है। वह जूडो-कराटे भी सीख चुकी है। वह कई बार आत्महत्या करने की सोचती है, लेकिन अपने माता-पिता को अकेला नहीं छोड़ना चाहती।
बिटिया ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है और ट्वीट करके भी जानकारी दी है, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
हाईवे पर गैंगरेप की शिकार हुई बिटिया ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा है। उस पत्र में उच्चाधिकारियों द्वारा तीन बिंदुओं पर जवाब मांगा है। इसमें केस बुलंदशहर से दिल्ली ट्रांसफर होना, मकान मिलना और सुरक्षा दिए जाने की बात कही है। तीनों बिंदुओं का जवाब बनाकर भेज दिया है।- डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एसपी सिटी