गाजीपुर में कचरे का ढेर ढहने को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने आज दिल्ली सरकार, पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) की खिंचाई करते हुए कहा कि कचरे के ढेर में दबकर लोगों की मौत हो जाने से अधिक अपमानजनक और कुछ नहीं हो सकता है। गाजीपुर में कचरे का ढेर ढह जाने की वजह से दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार और न्यायमूर्ति आरएस राठौड़ की पीठ ने इन सभी को नोटिस जारी करके पूछा है कि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों न की जाए।
पीठ ने कहा कि आपने प्राधिकरण के उन निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया जिसे समय समय पर जारी किया जाता है? क्या दिल्ली के लोगों ने इस अंजाम की अपेक्षा की थी? क्या उन्हें कचरे के ढेर के नीचे दब कर मरना चाहिए? हमने आपसे कचरे के ढेर की ऊंचाई घटाने और कचरे में कमी लाने के लिए समुचित कदम उठाने के लिये कहा था। आपने ऐसा क्यों नहीं किया?
पीठ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उस स्थान पर अनुचित, अवैज्ञानिक और अंधाधुंध तरीके से नगरपालिका के ठोस कचरों को जमा करने के चलते कचरे के ढेर में दबकर राजधानी के लोगों को मौत हुई है। आप लोगों को कचरे के ढेर के तले दबाकर मार रहे हैं। इससे अधिक अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता है।