नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने हरियाणा सरकार को सूबे में मौजूद जलाशयों के संरक्षण के लिए उन्हें विशिष्ट पहचान संख्या देने और जगह के हिसाब से सूची बनाने का आदेश दिया है। ट्रिब्युनल ने कहा है कि गुरुग्राम में चिन्हित किए गए 123 जलाशयों का तत्काल संरक्षण कराया जाएं।
साथ ही उनके प्रबंधन और पुनरुद्धार का काम भी तीन माह में पूरा कराया जाए। ट्रिब्युनल ने सरकार को छह महीनों बाद स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है ताकि उसके आधार पर मामले में आगे की सुनवाई किया जा सके। यह आदेश जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी सर्वदमन सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
दरअसल, याची की मांग पहले केवल गुरुग्राम स्थित घाटा झील को संरक्षित करने को लेकर थी। लेकिन याची ने अपनी मांग का विस्तार देते हुए गुरुग्राम और फरीदाबाद में स्थित 214 से अधिक झीलों को बचाने की मांग की थी। हालांकि, अब एनजीटी ने पूरे राज्य के जलाशयों की विशिष्ट पहचान संख्या और सूची तैयार कर प्रबंधन और पुनरुद्धार का आदेश दिया है।
घटा झील के चारों ओर फेसिंग का आदेश
एनजीटी ने अपने आदेश में गुरुग्राम मेट्रोपोलिटिन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) को आदेश दिया है कि वह अन्य जलाशयों की पहचान भी करें और उन्हें भी संरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। इन्हें न सिर्फ विशिष्ट पहचान संख्या दी जाए बल्कि इनके पुनरुद्धार को लेकर कार्ययोजना भी बनाई जाए।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी एनजीटी ने जलाशयों की पहचान करने वाली समिति से जुड़ने की नसीहत दी है। साथ ही घाटा गांव में झील का सीमांकन कर वायर से फेंसिंग करने का भी आदेश दिया है।
सेटेलाइट इमेज के मुताबिक गुरुग्राम में 557 जलाशय
इस वर्ष 12 जनवरी को अधिकारियों की समिति की ओर से एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट में बताया गया था कि राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक गुरुग्राम में 641 जलाशय और 1976 की सर्वे ऑफ इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक 487 जलाशय हैं।
जबकि 2011-12 में सेटेलाइट इमेज के मुताबिक 557 जलाशय मौजूद थे। स्थिति रिपोर्ट में कहा गया था कि प्री-मानसून से पहले कुछ जलाशयों के सूखने से इनकी संख्या कम ज्यादा हो सकती है।
राज्य में 2.25 हेक्टेयर से बड़े 1216 जलाशय
हालांकि सेटेलाइट इमेज के आंकड़ों को सही माना जाना चाहिए। तीनों ही रिपोर्ट में गुरुग्राम में 123 जलाशयों की मौजूदगी दिखाई गई है। वहीं, याची की ओर से कहा गया था कि गुरुग्राम में करीब 214 जलाशय हैं जिन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए।
बीते वर्ष 2009 मार्च को एनजीटी में हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में बताया गया था कि सूबे में 1216 जलाशय ऐसे हैं जो 2.25 हेक्टेयर से अधिक भू-क्षेत्र में हैं। वहीं, केवल गुरुग्राम में ऐसे जलाशयों की संख्या 28 है और पूरे क्षेत्र में करीब 218 जलाशय हैं।