- एक व्यक्ति ने घर के सामने खाली प्लॉट में कूड़े के ढेर लगने और इससे फैल रही दुर्गंध, मच्छरों, चूहों से उत्पन्न स्वास्थ्य जोखिमों की शिकायत की थी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रिहायशी इलाके में खाली प्लॉट पर कचरा फेंकने की शिकायत पर कार्रवाई में देरी को लेकर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और नगर निगम (एमसीडी) को कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेष सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इससे स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिकरण ने कहा कि आदेशों का अनुपालन नहीं होना गंभीर लापरवाही है। पीठ ने याचिका में शामिल सभी पक्षों को पक्षकार बनाया और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह सेवा प्रमाण पत्र अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2026 को होगी। एनजीटी ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
याचिकाकर्ता संदीप चौधरी ने अपने घर के सामने खाली प्लॉट पर कूड़े के ढेर लगने और इससे फैल रही दुर्गंध, मच्छरों, चूहों व अन्य कीड़ों से उत्पन्न स्वास्थ्य जोखिमों की शिकायत की थी। ऐसे में एनजीटी ने 21 मई, 2025 को डीपीसीसी और एमसीडी को साइट का निरीक्षण कर उचित निवारक और उपचारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। वहीं, डीपीसीसी की 19 जून, 2025 की निरीक्षण रिपोर्ट में पाया गया कि प्लॉट पूरी तरह कचरे से भरा हुआ था, आसपास भयानक दुर्गंध फैली हुई थी और कीट-पतंगों का प्रकोप था। डीपीसीसी ने 23 जून, 2025 को एमसीडी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और न ही कोई रिपोर्ट सौंपी गई।