गौतमबुद्घनगर में हो रहे एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना को रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएम को यह भी अधिकार दिए गए हैं कि यदि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अफसरों के अलावा पुलिस एवं प्रदूषण विभाग के अफसर सहयोग न करें तो उन पर जुर्माना भी कर सकते हैं।
इसी क्रम में डीएम ने शुक्रवार देर रात को आनन-फानन में अफसरों की एक बैठक ली। चूंकि अगले सप्ताह एनजीटी ने इसकी रिपोर्ट तलब की है। दरअसल, एनजीटी ने एनसीआर वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण एनजीटी सख्त हुआ है और गौतमबुद्घनगर का नोडल अधिकारी डीएम एनपी सिंह को नियुक्त किया है।
एनजीटी की ओर से सभी विभागों के साथ बैठक करने और नियमों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने शुक्रवार को आनन-फानन में जिले के सभी विभागों और तीनों प्राधिकरणों के अफसरों के साथ बैठक की।
जिसमें साफ-साफ कह दिया गया है कि किसी भी स्थान पर कूडे़ में आग न लगाई जाए और बिल्डरों से लेकर आम लोगों तक यदि एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन होता है तो उन पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने तीनों प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि 50 फीसदी अधिकारी और कर्मचारियों को फील्ड में उतारें और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई कराएं। उन्होंने बताया कि हाटमिक्स आदि 21 कंक्रीट प्लांटस को बंद करा दिया गया है।
कोई भी वाहन खुले से निर्माण सामग्री लेकर जाता हुआ पाया जाए तो उसे सीज कर दिया जाए। उन्होंने हर विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक दिन की रिपोर्ट उनको दी जाए। जिले में आगामी निर्देशों तक ईट भटटे भी बंद रखे जाएं।
जब तक कि वह नियमों का पूरी तरह पालन न कर दें। डीएम ने अफसरों को कहा कि हर शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर बैठक की जाएगी और इसकी समीक्षा भी होगी। जो विभाग सहयोग नहीं करेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।