एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों और कॉलेजों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम संचालित न करने के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें शिक्षा निदेशालय के अधीन 929 स्कूल व उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन 12 कॉलेज और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के 106 स्कूल शामिल हैं। आदेश का पालन न होने पर नाराज पीठ ने उच्च शिक्षा अधिकारियों को भी पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची महेश चंद्र सक्सेना के मामले में यह आदेश दिया। पीठ ने कहा कि 16 नवंबर, 2017 के आदेश के बावजूद अभी तक स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम संचालित नहीं हो पाया है। जबकि संबंधित आदेश में अधिकारियों और स्कूलों को पर्याप्त समय दिया गया था।
पीठ ने कहा कि ऐसे में आदेश का पालन कराने में विफल रहे विशेष शिक्षा निदेशक बिनय भूषण, उच्च शिक्षा निदेशक जेपी अग्रवाल, उप शिक्षा निदेशक (प्राइमरी) गीता कुमारी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। पीठ ने इसके अलावा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पीठ ने कहा कि सभी अधिकारी और निगम अपना जुर्माना एक हफ्ते के भीतर एनजीटी बार एसोसिएशन के पास जमा करें।