पर्यावरणीय मंजूरी लिए बिना विस्तार करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शुक्रवार को अक्षरधाम मंदिर प्रबंधन पर जुर्माना लगाया है।
साथ ही एनजीटी ने यमुना के पुनरुद्धार पर गठित समिति से यह जांच करने को भी कहा है कि क्या विस्तारित हिस्सा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पड़ता है या नहीं।
एनजीटी चेयरपर्सन स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम दो मुद्दों पर गौर कर रहे हैं, पहला क्या मंदिर का विस्तारित हिस्सा यमुना नदी के बाढ़ग्रस्त इलाके में पड़ता है या नहीं और दूसरा, क्या ‘मैली से निर्मल यमुना’ पुनरुद्धार योजना 2017 के लिए गठित मुख्य समिति ट्रिब्यूनल की शर्तों का अनुपालन कर रही या नहीं।