-एनजीटी ने इससे पहले 19 अप्रैल 2024 को डीडीए और डीपीसीसी को कुछ जरूरी सिफारिशों को लागू करने के निर्देश दिए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही डेयरी फार्मों के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकरण ने अपने पहले दिए गए आदेश का पालन न होने के आरोप पर संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। यह मामला एक कार्यान्वयन याचिका के तहत सामने आया है, जो पहले से चल रहे एक मामले से जुड़ा है। एनजीटी ने इससे पहले 19 अप्रैल 2024 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को कुछ जरूरी सिफारिशों को लागू करने के निर्देश दिए थे। इन सिफारिशों का मकसद यमुना बाढ़क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकना और पर्यावरण की सुरक्षा करना था।
सुनवाई के दौरान आवेदक ने अधिकरण को बताया कि डीपीसीसी ने जुलाई 2025 में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बाढ़क्षेत्र में कोई डेयरी फार्म संचालित नहीं हो रहा है। लेकिन यह दावा गलत है। आवेदक ने इसके समर्थन में फोटो भी पेश किए, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि इलाके में अब भी डेयरियां चल रही हैं। इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया है कि आवेदक सभी पक्षों को नोटिस भेजे और अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले इसकी जानकारी शपथपत्र के रूप में जमा करे। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को तय की गई है।