फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑड-ईवन पर संकट, NGT बोला- गारंटी दें स्कीम नुकसानदेह नहीं, तभी होगी लागू

Fri, 10 Nov 2017 04:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
odd even - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
द‌िल्ली सरकार द्वारा सोमवार से लागू की जा रही ऑड-ईवन स्कीम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। एनजीटी ने द‌िल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इस योजना को लागू करने के ल‌िए उनके सामने शर्त रखी है।
विज्ञापन


एनजीटी ने द‌िल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर चल रही बहस में जब दोपहर दो बजे दोबारा सुनवाई शुरु की तो कहा हमारी हरी झंडी के ब‌िना ऑड-ईवन लागू नहीं क‌िया जा सकता। ट्र‌िब्यूनल ने आगे कहा क‌ि गारंटी दें क‌ि ऑड-ईवन नुकसानदेह नहीं है, तभी लागू करने द‌िया जाएगा।

इसके साथ ही एनजीटी ने कहा क‌ि आप इस तरह से ऑड-ईवन लागू नहीं कर सकते। आपने प‌िछले एक साल से प्रदूषण के ल‌िए कुछ नहीं क‌िया। एनजीटी ने कभी यह स्कीम लागू करने को नहीं कहा।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने और 100 उपाय बताए हैं ज‌िससे प्रदूषण न‌ियंत्र‌ित हो सकते हैं लेक‌िन आप हमेशा ऑड-ईवन को ही अपना लेते हैं। एनजीटी ने कहा क‌ि द‌िल्ली सरकार को इसे लागू करने का कारण बताना ही होगा।

इसके बाद एनजीट ने ये भी कहा क‌ि जब द‌िल्ली में स्थिति सुधर रही है तो सरकार ऑड-ईवन स्कीम लागू कर रही है। अगर आप चाहते थे तो आप को इसे पहले ही लागू करना चाहिए था। अब इससे लोगों को परेशानी होगी।

इसके बाद एनजीट ने ये भी कहा क‌ि जब द‌िल्ली में स्थिति सुधर रही है तो सरकार ऑड-ईवन स्कीम लागू कर रही है। अगर आप चाहते थे तो आप को इसे पहले ही लागू करना चाहिए था। अब इससे लोगों को परेशानी होगी।

एनजीटी ने दिल्ली सरकार से ये भी साबित करने को कहा क‌ि ऑड-ईवन स्कीम से प्रदूषण घटा है वरना हम इस पर रोक लगा देंगे। इसकी सुनवाई रविवार को छुट्टी के दिन भी होगी।

इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह उन बिल्डरों पर 1 लाख का जुर्माना लगाए जो नियमों का ‌उल्लंघन कर रहे हैं। यानी जो बिल्डर अब भी निर्माण कार्य में लगे हैं उन पर 1 लाख का जुर्माना लगे।

पराली जलाने को प्रदूषण का एक बड़ा कारण माना जाता है और एनजीटी ने इस पर भी निर्देश जारी क‌िए हैं। कोर्ट ने कहा क‌ि सरकार तय करे कि पराली ना जलाई जाए और अगर ऐसा हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी की सैलरी से फाइन वसूला जाएगा। On #OddEven scheme NGT says, '#OddEven formula can't be imposed like this. Nothing has been done from your (Delhi govt) end since the past one year.' — ANI (@ANI) November 10, 2017

  NGT on #OddEven: SC never asked for imposition of this scheme. SC and NGT have suggested 100 measures to curb pollution but you always opted for odd-even. Delhi government will have to justify the implementation of this scheme. — ANI (@ANI) November 10, 2017
NGT on #OddEven: 'When situation is improving, the government is trying to implement it. You should have done this earlier if you wanted to. This will now cause inconvenience to people.' — ANI (@ANI) November 10, 2017
NGT asks the Delhi government to prove whether #OddEven scheme has reduced pollution or else NGT will stay the imposition of the scheme. Hearing to continue tomorrow. — ANI (@ANI) November 10, 2017 NGT asks the Delhi government to prove whether #OddEven scheme has reduced pollution or else NGT will stay the imposition of the scheme. Hearing to continue tomorrow. — ANI (@ANI) November 10, 2017
NGT asks Delhi govt to impose 1 lakh fine on builders found violating directions, as construction work has been halted in view of smog & air pollution. — ANI (@ANI) November 10, 2017 NGT directs states to ensure that there should be no crop burning, says if any incident is reported to NGT, a considerable amount of fine will be charged from salary of responsible officer. — ANI (@ANI) November 10, 2017




इससे पहले द‌िल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए ऑड-ईवन के दौरान डीटीसी और क्लस्टर बसों का सफर मुफ्त करने की घोषणा कर दी है। यानी अब 13 से 17 नवंबर तक द‌िल्लीवासी डीटीसी व क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। To encourage use of public transport during #OddEven, Delhi govt to allow free travel for commuters in all DTC and Cluster buses from 13-17 November, tweets Delhi Transport Minister Kailash Gehlot. — ANI (@ANI) November 10, 2017


दिल्ली में बढ़ते खतरनाक प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन लाने का जो फैसला किया है अब उस पर वो फंस गई है।

शुक्रवार को एनजीटी ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर किस आधार पर उन्होंने ऑड-ईवन लागू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली में पुरानी कारों का आंकड़ा भी मांगा है।

यह भी पढ़ें : अगर आपकी सेहत पर भी SMOG ने किया है काबू तो जरूर पढ़े ये जानकारी
  NGT asks Delhi government on the rationale behind application of the odd-even formula and the data on old cars in Delhi; case to be heard at 2 PM — ANI (@ANI) November 10, 2017

13 नवंबर से पांच दिनों के लिए 17 नवंबर तक लागू होगा

- फोटो : pti
प्रदूषण स्तर के लगातार 48 घंटे इमरजेंसी स्तर पर रहने के बाद दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को सम विषम की घोषणा कर दी है। सम विषम आगामी सोमवार को 13 नवंबर से पांच दिनों के लिए 17 नवंबर तक लागू होगा। सुबह आठ बजे से लेकर रात आठ बजे तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इसकी घोषणा करने के साथ कहा कि बीते साल सम विषम के दौरान जो छूट व नियम लागू थे वह इस बार भी लागू होंगे। इसके दायरे में करीब 25 लाख वाहन आएंगे।

इस दौरान रोजाना सड़कों से 12 लाख से अधिक वाहन हटेंगे। कैलाश गहलोत ने बताया कि लगातार 48 घंटे प्रदूषण स्तर इमरजेंसी स्तर पर रहने के बाद हम ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत सम विषम लागू करने के लिए बाध्य है।

उन्होंने कहा कि 13 नवंबर से लागू हो रहे सम विषम में सभी नियम बीते साल लागू हुए नियमों को ही माना जाएगा। सीएनजी चालित वाहनों को छूट रहेगी।

22 सीएनजी पंप पर दो बजे से स्टीकर मिलेंगे

- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए शुक्रवार से दिल्ली के 11 जिलों में 22 सीएनजी पंप पर दो बजे से स्टीकर मिलेंगे। पहले से जिन वाहनों पर स्टीकर लगा है वह मान्य होगा। एनसीआर के शहरों से आने वाले वाहनों पर भी यह लागू होगा।

सरकार ने इस बार भी बीते साल की तरह दुपहिया, सीएनजी चालित वाहन, इमरजेंसी वाहन, महिला चालक, राष्ट्रपति समेत कुल 25 से अधिक कैटिगरी के वाहनों को सम विषम से छूट मिलती रहेगी। सम विषम को नहीं मानने वालों को 2000 रुपये का चालान किया जाएगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को इससे छूट नहीं मिलेगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्लीवालों को दिक्कत ना हो इसके लिए डीटीसी से 500 बसें और दिल्ली मेट्रो को लास्ट माइल कनेक्टविटी के लिए 100 बसों का इंतजाम 20 रूटों पर करने के लिए कहा है। सड़कों पर करीब 5000 वालंटियर्स भी उतारे जाएंगे।
विज्ञापन

कौन से ऑड और ईवन नंबर

- फोटो : अमर उजाला
किस तारीख को कौन सी गाड़ी चलेगी यह तारीख के नंबर पर तय करेगा। यानि अगर ऑड नंबर वाली तारीख 13, 15, 17 उस दिन वही वाहन चलेंगे जिसका आखिरी नंबर भी 1, 3, 5,7,9 होगा।

इसी तरह अगर इवन नंबर वाली तारीख यानि 14, 16 नवंबर को वही वाहन चलेंगे जिसके आखिरी में 2, 4, 6, 8 और 0 होगा। जीरो को इवन नंबर माना जाएगा। यानि पहले दिन 13 नवंबर को सिर्फ विषम नंबर वाले वाहन चलेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें