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NGT का आदेश, दिल्ली में चलने वाले 15 साल पुराने सभी वाहनों को स्क्रैप में डालें

Wed, 20 Jul 2016 03:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यनल ने बुधवार को आदेश दिया है कि दस साल पुरानी गाड़ियों को दिल्ली के बाहर चलाया जा सकता है। हालांकि इस छूट के साथ ही एनजीटी ने ये सख्त आदेश भी दिया है कि 15 साल से ज्यादा पुरानी सभी गाड़ियों को जब्त कर तुरंत ही स्क्रैप कर दिया जाए।
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वायु प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर रोक लगान के साथ ही एनजीटी ने ये आदेश भी दिया है कि वो गाड़ियां जो ध्वनि प्रदूषण फैला रही हैं उन का भी चालान करने और जुर्माना लगाने की जरूरत है। 

एनजीटी का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर दो हजार या इससे ज्यादे का जुर्माना लगाया जा सकता है जिसे वसूलने की जिम्मेदारी पुलिस को दी जा सकती है। 
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बाहरी राज्यों के वाहन भी दिल्ली से नहीं गुजरेंगे

एनजीटी
इस आदेश के साथ ही अब भिवानी-जयपुर जैसे रास्तों से दिल्ली में आने वाले वाहन भी बाहर के हाईवे से ही निकाले जाएंगे। इस आदेश से साफ है कि बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने वाहनों को अब दिल्ली से गुजरने नहीं दिया जाएगा।

आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए एनजीटी ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि स्क्रैप करने के आदेश को दो चरणों में लागू किया जाए साथ ही स्क्रैपिंग बेनिफिट को भी स्पष्ट किया जाए।

एनजीटी ने सख्त लहजे में कहा है कि उसे उम्मीद है कि स्क्रैपिंग पॉलिसी को स्क्रैप नहीं किया जाएगा। साथ ही एनजीटी ने स्क्रैपिंग के लिए जमीन देने का आदेश भी डीडीए को दिया है।
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सरकार को लगाई लताड़

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
इसके साथ ही दिल्ली में परिवहन व्यस्‍था की रीढ़ बन चुकी डीटीसी की बसों को सीएनजी हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का भी आदेश दिया है। एनजीटी का आदेश है कि दिल्ली के मुख्य सचिव संबंधित विभागों के साथ मिलकर इस बारे में निर्णय लें और एक हफ्ते के अंदर इसकी जानकारी दें

अपने आदेश में एनजीटी ने सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा है‌ कि सरकार बताए कि उसने पिछले दस साल में डीजल वाहनों को हटाने के लिए क्या काम किया है। सच्चाई ये है कि सरकारों ने कोई काम किया ही नहीं, असल में सरकारी मशीनरी कोई काम करना ही नहीं चाहती। 
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