नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मायापुरी स्क्रैप बाजार में प्रदूषक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर दिल्ली सरकार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास 5 करोड़ रुपये की परफॉरमेंस गारंटी जमा करने का आदेश दिया है। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व आदेशों का पालन न करने पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई है।
मंगलवार को सात सदस्यीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद यह आदेश दिया गया है। टास्क फोर्स ने रिपोर्ट में बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने मायापुरी स्क्रैप बाजार में कुल 34 यूनिट बंद कराई हैं। एक महीने के भीतर दिल्ली पुलिस और निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए छह बार अभियान चलाया है। सिर्फ दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम की ओर से लीज निरस्त किए जाने में वक्त लगेगा।
इसके बाद निर्णायक रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पीठ ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कार्रवाई रिपोर्ट क्यों नहीं दाखिल की गई। रिपोर्ट न दाखिल करने के लिए परफॉरमेंस गारंटी दाखिल की जाए। टास्क फोर्स ने हाल ही में नगर निगम और पुलिस को मायापुरी स्क्रैप बाजार से अतिक्रमण हटाने, डीडीए और औद्योगिक विकास निगम से ऐसी यूनिटों की लीज निरस्त करने को कहा था, जो अनुमति से अलग काम कर रही हैं।
बिना मंजूरी चल रही सभी औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की भी सिफारिश की गई थी। ट्रिब्यूनल ने पश्चिमी दिल्ली के स्क्रैप मेटल मार्केट में ऐसी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, जो खुले में ही भारी वाहनों की कटाई और छंटाई करती थीं। इसके लिए हाल ही में सात सदस्यीय स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई थी।