अरावली क्षेत्र में हरियाणा सरकार की ओर से निर्माण गतिविधियों की इजाजत देने संबंधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद शनिवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी इस क्षेत्र में ठोस कचरे की डंपिंग से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने में विफल रहने पर गुरुग्राम निगम को कड़ी फटकार लगाई। ट्रिब्यूनल ने कचरे और उससे होने वाले खतरनाक गंदे पानी के रिसाव पर नगर निगम के कमिश्नर को तलब किया है।
पीठ ने कहा कि इस मामले को चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन ठोस कचरे से रिसाव होने वाले गंदे पानी के कारण अरावली क्षेत्र में भू-जल और सतह का जल लगातार प्रदूषित हो रहा है। ऐसे में कोई कड़ा आदेश जारी करने से पहले जरूरी है कि गुरुग्राम नगर निगम के कमिश्नर, मैसर्स इको ग्रीन एनर्जी गुरुग्राम फरीदाबाद प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव ट्रिब्यूनल में पेश हों।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची विवेक कंबोज के मामले में कहा कि अगले सप्ताह इस मामले की फिर सुनवाई की जाएगी। तलब किए गए सभी पक्षक्ष पूरी योजना के साथ ट्रिब्यूनल में आएं। साथ ही यह भी बताएं कि आखिर प्रदूषण रोकने में विफल रहने के लिए उन पर क्यों न जुर्माना लगाया जाए।