अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुजरात स्थित गैर-लाभकारी संगठन जस्टिस ऑन ट्रायल पर बीबीसी के खिलाफ 10,000 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में बार-बार स्थगन मांगने के लिए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की एकलपीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि पिछले कई तारीखों से संगठन बार-बार स्थगन ले रहा है। अदालत ने कहा, हम देख रहे हैं कि पिछले कई तारीखों से बार-बार स्थगन लिए जा रहे हैं। मेंटेनेबिलिटी (मुकदमे की प्रारंभिक वैधता) पर दलीलें देने के लिए अंतिम और अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यह मुकदमा वर्ष 2023 में दायर किया गया था। जस्टिस ऑन ट्रायल ने बीबीसी की दो-भाग वाली डॉक्यूमेंट्री इंडिया द मोदी क्वेश्चन पर आपत्ति जताते हुए दावा किया था कि इसमें भारत की प्रतिष्ठा, न्यायपालिका तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कीचड़ उछाला गया है। संगठन ने बीबीसी से 10,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है। ।