लॉकडाउन में जब सब कुछ बंद था तो इससे जुड़े रोजमर्रा के अनुभवों को कुछ लोगों ने कैमरे में कैद किया। फिर एक फिल्म फेस्टिवल के जरिये इन अनुभवों को तीन मिनट की लघु फिल्मों के रूप में दुनिया के सामने पेश किया।
जी, हम बात कर रहे हैं कैरट फिल्म्स के लॉकडाउन फिल्म फेस्टिवल की। इस फेस्टिवल की चुनिंदा फिल्मों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) अपनी वेबसाइट पर इनका प्रदर्शन कर रहा है।
इस लघु फिल्म फेस्टिवल का आयोजन कैरट फिल्म्स ने अप्रैल 2020 में किया था। इसका मकसद लॉकडाउन में उभरते हुए फिल्मकारों को उनके विचारों के लिए एक मंच प्रदान करना था।
हालांकि लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम की तरह ही यह थोड़ा कठिन था। इन फिल्मों के लिए पर्सपेक्टिव यानी नजरिये को थीम चुना गया था। इन फिल्मों को घर के भीतर, बालकनी या छत पर ही शूट करना था और इस दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान भी रखा जाना था।
फेस्टिवल के लिए एक हजार से ज्यादा प्रतियोगियों ने पंजीकरण करवाया। इनकी लघु फिल्मों को अपर्णा सेन, शर्मिला टैगोर, प्रह्लाद कक्कड़, रत्ना पाठक शाह, आदिल हुसैन, हितेन तेजवानी जैस कई दिग्गजों ने परखा, सर्टिफिकेट दिए।
वहीं उम्दा फिल्मों को आहना रिजॉर्ट, जिम कॉर्बेट औ हैट्स ऑफ प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड मुंबई की ओर से प्रायोजित पुरस्कार दिए गए।
फेस्टिवल को केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी समर्थन दिया। इस दौरान फिल्मकार आर बाल्की, रजा मुराद, महिमा चौधरी, उषा उथुप, सोनाली कुलकर्णी, आरजे खुराफाती नितिन जैसे लोगों का भी पूरा सहयोग मिला।