स्वास्थ्य विभाग अब गर्भवती महिलाओं को ऑनलाइन ट्रैक करेगा। इसके लिए विभाग की ओर से मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर में गर्भवती महिला एवं योग्य दंपति का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा।
जिससे विभागीय अधिकारी व कर्मचारी को निगरानी रखने में मदद मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे कन्या भ्रूण हत्या रोकने में भी मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी जो महिला मरीज आती है, उसका ओपीडी कार्ड बनाया जाता है।
गर्भवती महिलाओं को क्या-क्या इलाज मिला है? इसकी जानकारी ओपीडी कार्ड में होती है। अब सारा कुछ ऑनलाइन करने की कवायद चल रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग गर्भवती होने के बाद ही सारा रिकॉर्ड पोर्टल पर रख लेगा। उसके बाद बच्चे के जन्म तक सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित ढंग से ऑनलाइन किया जाएगा।