जनसभाओं से दूर मध्य और उच्च वर्ग के लोगों को लुभाने और वोट बटोरने के लिए प्रत्याशियों ने फिल्मी स्क्रीन का सहारा लिया है। इसके तहत सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने और इंटरवल के बीच में नेता और पार्टी का प्रमोशन दिखाया जाता है।
चुनाव करीब आते ही विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशी ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच पहुंच बनाने की जुगत में लग गए। इसकी एक बानगी लोगों को मल्टीप्लेक्स में आकर दिख रही है।
नेताओं से दूरी बनाए रखने और मतदान प्रतिशत में पीछे रहने वाले वर्ग का भी विधानसभा चुनाव में वोट बटोरने के लिए प्रत्याशी फिल्मों की तरह प्रमोशन करा रहा है। इसके लिए प्रत्याशी लाखों रुपये भी खर्च कर रहे हैं। प्रत्याशी इसके जरिए हर उम्र वर्ग खासकर युवाओं का वोट बटोरने के जुगाड़ में लगे हैं।