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जुड़वा बहनों को नई जिंदगी, चिपका था लीवर

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जन्म से ही आपस में जुड़ीं जुड़वां बहनों को दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने नई जिंदगी दी। जुड़वां बच्चियों के शरीर के लगभग सभी अंग अलग-अलग थे लेकिन दोनों का लिवर आपस में जुड़ा था।
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ऐसे में दोनों के लिवर को सफलतापूर्वक अलग करना एक चुनौती थी, जिसे डॉक्टरों ने पूरा किया। सर्जरी के बाद दोनों बच्चियों के अलग-अलग होने से उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। परिवार जम्मू कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला है।

श्रीनगर की रहने वाली दो माह की जुड़वां बहन सबूरा और सफूरा जन्म से ही आपस में जुड़ी हुईं थीं। दोनों का पेट व लिवर आपस में चिपका हुआ था लेकिन बाकी अंग अलग-अलग थे और सभी अंग सही तरीके से काम भी कर रहे थे।
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छह विभागों के 40 डॉक्टरों की टीम ने की सफल सर्जरी

जन्म के दो माह बाद जुड़वां बहनों की सर्जरी कर उन्हें अलग-अलग किया गया और दोनों के शरीर में समान तौर पर लिवर के हिस्से को रखा गया। 15 नवंबर को जुड़वां बहनों की सफल सर्जरी हुई।

दोनों बच्चियों की नाभि भी कृत्रिम तरीके से बनाई गई है। अब दोनों पूरी तरह से स्वस्थ है और उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह दुर्लभ मामला है और सर्जरी भी आसान नहीं थी।

मेदांता द मेडिसिटी अस्पताल के लिवर इंस्टीट्यूट प्रमुख डॉ. एएस सोइन ने बताया कि छह अलग-अलग विभागों के 40 डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी और उसके बाद रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के कार्य को पूरा किया।

डॉ. नीलम मोहन ने बताया कि करीब एक लाख जुड़वा बच्चों में से एक केस ऐसा होता है जबकि चार में से तीन मामले लड़कियों के होते हैं। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसी पांच करोड़ सर्जरी में से एक ही सर्जरी सफल हो पाती है। इस पर कुल दो लाख रुपये खर्च आता है।
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