काजल कुमारी
नई दिल्ली। राजधानी में महिला क्रिकेट को नई दिशा देने की पहल के तहत पहली बार 35 वर्ष से अधिक आयु की महिला खिलाड़ियों के लिए वेटरन क्रिकेट ट्रायल आयोजित किए गए। इस विशेष चयन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अनुभवी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयनित भारतीय महिला वेटरन टीम फरवरी में न्यूजीलैंड की वेटरन महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलेगी। इस पहल का उद्देश्य उन महिला खिलाड़ियों को दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से जोड़ना है, जिन्होंने वर्षों तक खेल में योगदान दिया, लेकिन विभिन्न कारणों से सक्रिय क्रिकेट से दूर हो गई थीं।
बीसीआई की देखरेख में आयोजित ट्रायल में खिलाड़ियों का मूल्यांकन बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग और फिटनेस के आधार पर किया गया। चयन प्रक्रिया के पहले चरण में 6 से 7 खिलाड़ियों का चयन किया जा चुका है। आगामी चरणों के बाद 13 सदस्यीय भारतीय महिला वेटरन टीम का अंतिम गठन होगा, जो फरवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।
आयोजन की जिम्मेदारी संजय सिन्हा और संजीव सेठी संभाल रहे हैं, जबकि ट्रायल चयन और प्रबंधन की कमान जीएस हैरी के पास है। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार 35 वर्ष से अधिक आयु की महिला खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की वेटरन क्रिकेट सीरीज आयोजित की जा रही है। उनके अनुसार यह पहल अनुभवी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर देगी।
चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। चयन समिति इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर तकनीकी विश्लेषण कर अंतिम टीम का चयन करेगी। आयोजकों का मानना है कि इससे योग्य खिलाड़ियों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा और चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
वरिष्ठ महिला खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद
महिला क्रिकेट में लगातार बढ़ती भागीदारी के बीच यह पहल वरिष्ठ महिला खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। लंबे अंतराल के बाद मैदान पर लौटने का अवसर मिलने से प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया। खिलाड़ियों ने इसे अपने क्रिकेट करियर को नया आयाम देने वाला मंच बताया। फरवरी में होने वाली भारत-न्यूजीलैंड महिला वेटरन सीरीज को भारतीय महिला वेटरन क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।