भाजपा पार्टी उनकी सरकार को फेल करने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है, बावजूद इसके वे काम करने में लगे हुए हैं। आप इस दोनों की मुद्दो को चुनाव में भी अहम मुद्दा बनाने में पीछे नहीं रहेगी और जनता को यह अहसास दिलवाया जाएगा कि किस प्रकार आम लोगों के काम में अड़ंगा लगाया जा रहा है।
गौरतलब है कि रोगी कल्याण समिति मामले में शिकायत लॉ के छात्र विभोर आनंद ने दी थी। उन्होंने तर्क रखा था कि 27 आप विधायक रोगी कल्याण समिति में अध्यक्ष के पद पर होने के नाते लाभ के पद पर हैं। लिहाजा इनकी विधायकी रद्द की जाए।
शिकायत में कहा गया था कि रोगी कल्याण समिति में विधायक सदस्य के तौर पर तो हो सकता है, लेकिन अध्यक्ष के पद पर नहीं। जबकि रोगी कल्याण समिति एक एनजीओ की तरह काम करती है जो कि अस्पतालों के प्रबंधन से जुड़ी है। इसमें इलाके के सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होते हैं।