सोमवार को सेक्टर-12/22/56 तिराहे पर लाल बत्ती पार करते ऑटो को ट्रैफिक पुलिस ने रोका तो एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ऑटो के आगे नंबर नहीं लिखा था, जबकि पीछे लिखा नंबर भी स्पष्ट नहीं था।
पिछले हिस्से पर यूपी-16 और साइड में यूपी-14 लिखा देख ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को शक हुआ। चालक के पास दस्तावेज नहीं थे। एक घंटे बाद जब वह दस्तावेज लेकर आया तो उससे चेसिज नंबर का मिलान नहीं हुआ। मौके पर मौजूद टीएसआई जैनेंद्र गंगवार ने कंट्रोल रूम को सूचना देकर ऑटो और चालक को थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
कहीं बढ़ न जाए परेशानी
नंबर प्लेट का दुरुपयोग आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। आपके वाहन की नंबर प्लेट का इस्तेमाल कोई और तो नहीं कर रहा, इसकी अपटेड लेते रहें। ऑनलाइन भी अपने वाहन के चालान से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए
echallanparivahan.gov.in पर लॉगइन कर चालान का स्टेटस जाना जा सकता है।
वाहन खरीदने के दौरान डीलर मोबाइल नंबर भी फॉर्म में भरने लगे हैं। कुछ साल पहले तक कम ही ऐसा किया जाता था। ऐसे में मोबाइल नंबर न होने की वजह से कई लोगों को चालान कटने की सूचना नहीं मिल पाती।
कई लोग पता भी बदल चुके हैं तो चालान उन तक नहीं पहुंच पाता। ऐसी स्थिति में वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग की मदद लेकर अपनी जानकारी अपडेट करा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि कई बार गलत चालान की जानकारी न होने पर लोग भुगतान कर देते हैं।
यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कैमरों की निगरानी कई भेद खोल रही है। जांच के आधार पर चालान तो निरस्त कर दिया जाएगा लेकिन फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों की तलाश थाना पुलिस को करनी होगी।-अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक