नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को एक बार फिर वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की कवायद तेज हो गई है। इस बार दक्षिण कोरिया ने इस स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए रेल मंत्रालय से पहल की है।
विज्ञापन
करीब दस हजार करोड़ की लागत से इस स्टेशन को तीन मंजिलों वाली इमारत का रूप दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ही इसे वर्ल्ड क्लास बनना था।
करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन स्थानीय निकायों की सहमति नहीं मिलने का हवाला देकर रेलवे की पूरी योजना खटाई में पड़ गई। योजना के तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर ही स्टेशन में प्रवेश व निकलने का रास्ता अलग-अलग होगा।
विज्ञापन
अजमेरी गेट की तरफ खाली जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा
new delhi railway station
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण कोरिया की टीम ने रेल मंत्रालय को बताया है कि अजमेरी गेट की तरफ खाली जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने कुल चार सौ स्टेशनों के पुनर्विकास करने की योजना बनाई है। इसके तहत सबसे पहले आनंद विहार व बिजवासन स्टेशन का विकास होना है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का कायाकल्प इसी का हिस्सा है। बता दें कि आठ फरवरी को केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने एक लाख करोड़ की सबसे बड़ी पीपीपी योजना को रेल भवन से लांच किया।
इसके तहत रेलवे स्टेशन व आसपास के 2200 एकड़ भूमि का इस्तेमाल करने की घोषणा की गई। पहले चरण में बिजवासन, आनंद विहार, अमृतसर, चंडीगढ़, फरीदाबाद, जम्मू-तवी समेत 23 रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधा से लैस करने का एलान रेलवे ने किया। इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए गए हैं।
ये होगी सुविधाएं
रेलवे स्टेशन पर डिजिटल साइन बोर्ड, एस्केलेटर, एलिवेटर, सेल्फ टिकटिंग काउंटर, फ्री व पेड वाई-फाई, दवा की दुकान, एग्जीक्यूटिव लाउंज, लगेज स्कैनर मशीन, पैदल रास्ते, रेलयात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया, बड़ी और नई तरह की छत, बेहतर फर्श, बैट्री रिक्शा, एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी। इस कार्यक्रम से देश के 100 शहरों और 60 करोड़ से अधिक रेलयात्रियों को फायदा पहुंचेगा।