दिल्ली-अमृतसर शताब्दी ट्रेन के यात्री अब तेजस ट्रेन के कोच का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। गुरुवार से अमृतसर शताब्दी ट्रेन के सभी कोच हटाकर आधुनिक सुविधाओं वाली कोच को जोड़ दिया गया और यह यह ट्रेन यात्रा पर भी निकल गई।
कई दिनों से यार्ड में खड़ी तेजस ट्रेन के रेक को अगले दो महीने तक के लिए अमृतसर शताब्दी ट्रेन में जोड़ दिया गया है। नई रूट पर इस ट्रेन को नहीं चलाकर अमृतसर शताब्दी के पुराने रेक पर दे दिया गया। बुधवार को दिल्ली-सोनीपत के बीच इस ट्रेन का ट्रायल किया गया। गार्ड को भी ट्रेनिंग दी गई। अमृतसर शताब्दी में तेजस का रेक लग जाने से यात्रियों को ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी।
अमृतसर शताब्दी 12032/12031 में कुर्सी यान की संख्या 938 थी जो अब बढ़कर 1092 हो गई हैं। किफायती वर्ग में 92 सीट की जगह अब 112 हो गई हैं। इस ट्रेन में वातानुकूलित कुर्सी यान के 14 और किफायती वर्ग के 2 कोच हैं। उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली-चंडीगढ़ और आनंद विहार-लखनऊ के बीच तेजस ट्रेन चलनी है। तेजस एक्सप्रेस 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।