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New Laws: पुराने कानून का अंतिम मामला कौन सा, अभी तय नहीं; इसलिए कभी भी पुराने कानून के तहत हो सकती है एफआईआर

Tue, 02 Jul 2024 09:23 AM IST
शाहरुख खान राजीव कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुराने कानून का अंतिम मामला कौन सा होगा, यह अभी तय नहीं है। एक जुलाई से पहले हुई वारदात की कभी भी पुराने कानून के तहत एफआईआर हो सकती है। 
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New Criminal Laws - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेशक नए कानून के तहत दिल्ली में पहला मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब यह तय नहीं है कि पुराने कानूनों के तहत कब तक मामले दर्ज होंगे। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी वारदात 30 जून की देर रात तक घटित होती है उसमें पुराने कानून के तहत मामला दर्ज होंगे। 
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लेकिन जुलाई माह में भी कोई शिकायतकर्ता पुरानी तारीख में घटना होने की शिकायत करता है तो ऐसे में पुराने कानून के साथ भारतीय नागरिकता सुरक्षा संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

नए कानून के लागू होने के बावजूद सोमवार देर तक को होने वाली घटनाओं में पुराने कानून के तहत मामला दर्ज किए गए हैं। सोमवार को नए कानून के तहत दर्ज होने वाले पहले मामले को लेकर काफी चर्चा रही। 
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दिल्ली के कमला मार्केट थाने में फुटपाथ पर रेहड़ी लगाकर अतिक्रमण करने को लेकर पहला मामला दर्ज कर लिया गया। लेकिन पुराने मामले को लेकर कौन सा एफआईआर अंतिम होगा यह अभी तय नहीं है।
 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 जून को 12 बजे रात से पहले कोई घटना की शिकायत पुलिस को मिलती है और इस मामले में घायल व्यक्ति बयान देने की हालत में नहीं है। वह अगर दो दिन बाद भी पुलिस के सामने बयान देता है तो ऐसे मामले को पुराने कानून के तहत दर्ज किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि लेकिन इन मामलों की जांच में नए भारतीय नागरिकता सुरक्षा संहिता के तहत जांच की जाएगी। वहीं कोई भी शिकायतकर्ता किसी नए मामले दर्ज करवाने के दौरान छह माह पहले हुई घटना का जिक्र करता है तो पुराने और नए कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि अब नए या पुराने कानून के तहत मामला दर्ज होना उतना महत्वपूर्ण नहीं है। जितना महत्वपूर्ण यह है कि अब दर्ज होने वाले मामलों की जांच नए कानून के तहत होंगे।

पुलिस के पास एफआईआर रद्द करने का अधिकार नहीं
दिल्ली पुलिस ने जल्दबाजी के चक्कर में एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन उसको खारिज करने की क्यों जरूरत पड़ी, इसको लेकर दिल्ली पुलिस का कोई भी अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। इसको लेकर भी संशय बना रहा कि क्या दिल्ली पुलिस अब एफआईआर को खुद को खारिज कर सकती है।

जानकारों का कहना है कि एक बार एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे खारिज करने का अधिकार दिल्ली पुलिस के पास नहीं है। अब दिल्ली पुलिस को कोर्ट जाकर इसको खारिज करवाना होगा। एफआईआर खारिज करने के कारण बताने के बाद मजिस्ट्रेट या जज उसको खारिज करने की अनुमति देगा तब ही एफआईआर खारिज होगी। दिल्ली पुलिस ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

बाहरी जिले में पांच मामले दर्ज
बाहरी जिला पुलिस ने नए कानून के तहत पांच मामले दर्ज किए हैं। इसमें निहाल विहार इलाके में सड़क हादसा, मंगोलपुरी थाने में अतिक्रमण और सुल्तानपुरी, रानीबाग, राजपार्क में चोरी के मामले दर्ज किए है। बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त जिम्मी चिराम ने बताया कि निहाल विहार इलाके में रविवार देर रात एक बजे नानक विहार के सामने गंदा नाला रोड पर एक सड़क हादसा होने की सूचना मिली थी।
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घायल को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने टक्कर कर दी थी। वहीं, दूसरे मामले में मंगोलपुरी थाना पुलिस ने बताया कि ऑटो पार्ट बेचने वाले ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा सुल्तानपुरी, रानीबाग, राजपार्क में घरों के अंदर चोरी के मामले दर्ज किए हैं। 
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