फरीदाबाद में बनने वाली नई कॉलोनियों में अब 60 वर्गमीटर से छोटे प्लॉट नहीं काटे जाएंगे।
यानी गरीबों को प्लॉट लेना मुश्किल होगा। राज्य सरकार नये बिल्डिंग बायलॉज में यह व्यवस्था करने जा रही है। प्रस्तावित नए नियम के तहत छोटे प्लॉटों के नक्शे पास नहीं होंगे। ऐसे में कोई छोटे प्लॉट का निर्माण नहीं कर पाएगा।
ज्ञात हो कि औद्योगिक शहर होने के कारण बड़ी संख्या में लोग नियमित/अनियमित कालोनियों में किसी तरह से छोटे-छोटे प्लॉट लेकर अपना मकान बनाकर रहते हैं। महंगाई के इस दौर में बड़े प्लॉट ले पाना आसान नहीं है।
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राज्य सरकार को यह लगता है कि कॉलोनियों से शहर की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। इसी के मद्देनजर अब छोटे प्लॉटों की व्यवस्था ही नये बायलॉज में खत्म की जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले कालोनियों में आवासीय भवनों के लिए 40 वर्ग मीटर न्यूनतम क्षेत्रफल की सीमा रखी थी। अर्थात इससे नीचे के प्लॉटों का नक्शा पास नहीं होता था। नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत अब यह सीमा बढ़ाकर 60 वर्ग मीटर तक कर दी गई है।
नगर निगम के सहायक आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लों का कहना है कि नए ड्राफ्ट बायलॉज में सरकार ने यह व्यवस्था की है। इसके तहत किसी भी नए भवन के लिए नियम लागू होगा।
उन्होंने कहा कि अभी ड्राफ्ट बायलॉज के लिए आपत्तियां एवं सुझाव मांगे गए हैं। निगम भी शहर की स्थिति को देखते हुए अपने सुझाव भेजेगा। जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लिया जाएगा।