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शर्मनाकः सड़क किनारे छोड़ गए नवजात बच्ची

Thu, 19 Mar 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा कहे जाने वाले धौज क्षेत्र में शायद सरकार के बेटी  बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की आवाज नहीं पहुंची है। यहां अभी भी बेटियां सुरक्षित नहीं हो सकी हैं। मंगलवार को कन्या का जन्म होने पर अनजान दंपत्ति उसे मरने के लिए सड़क किनारे छोड़ गया। जिला अस्पताल में बच्ची को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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धौज बस अड्डे से थोड़ी ही दूर स्थित नीम के पेड़ के नीचे बुधवार दोपहर एक नवजात कन्या पड़ी मिली। बच्ची को बिलखने की आवाज सुनकर उधर से गुजर रहे लोगों का ध्यान उसकी ओर गया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची को लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चाएं होने लगीं। कुछ लोगों का कहना था कि बेटी पैदा होने पर निर्मोही मां-बाप ने उसे मरने के लिए छोड़ दिया। कुछ लोगों का कहना था कि गलत संबंधों को छुपाने के लिए प्रसव के बाद बच्ची को यहां फेंका गया होगा।

धौज चौकी इंचार्ज समय सिंह ने बताया कि ताजी नाल होने की वजह से लग रहा है कि कुछ घंटे पहले ही बच्ची का जन्म हुआ है। फिलहाल उसे इलाज के लिए बीके के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया है। बच्ची के माता पिता के बारे में जानकारी की जा रही है। इसे विरोधाभास कहें या कुछ और कि शहर में पैदा तो लड़के ज्यादा होते हैं लेकिन जब बात लावारिस नवजात के मिलने की आती है तो अधिकतर लड़कियां ही पाई जाती हैं। मालूम हो कि 1000 लड़कों पर शहर में मात्र 871 बेटियां हैं।
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कहां मिले बच्चे:
-बल्लभगढ़ स्थित सिटी पार्क में एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में पड़ी मिली।
-दस दिन की नवजात बच्ची एक राहगीर को मिली।
-एनआईटी-3 स्थित पार्क में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई मिली।
-एनआईटी के सुनसान इलाके एक नवजात बच्ची मिली।
-ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर चार दिन नवजात लावारिस अवस्था में मिली।
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