दिल्ली-एनसीआर के निवासी अब आबोहवा स्वच्छ रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की एनवॉयरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने शुक्रवार को इसके लिये मोबाइल ऐप लॉंच किया।
‘हवा बदलो’ नाम के ऐप की मदद से आम लोग पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली तस्वीरों को रीयल टाइम पर ईपीसीए को भेज सकेंगे। इससे प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
इंडिया हैबिटेट सेंटर में ऐप लॉंच करते हुए ईपीसीए के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा कि ऐप लाने का मकसद आबोहवा साफ रखने में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। इससे पत्ती व कूड़ा जलाने और निर्माण स्थलों व सड़कों से उड़ने वाली धूल की रीयल टाइम रिपोर्टिंग हो सकेगी। दूसरी तरफ ईपीसीए सदस्य सुनीता नारायण ने कहा कि ऐप से पर्यावरण का साफ-सुथरा रखने वाली संस्थाओं का दायित्व तय हो सकेगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हवा बदलो ऐप आबोहवा साफ करने में बेहतर विकल्प साबित होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ईपीसीए प्रदूषण को कम करने की दिशा में निगरानी तंत्र को मजबूत कर रहा है।
इसी कड़ी में उसने ऐप को डिजाइन किया। इससे दिल्ली-एनसीआर के सभी शहरी स्थानीय निकाय व दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के पर्यावरण विभाग को जोड़ा गया है।
ऐप में जैसे ही तस्वीरें अपलोड की जाएंगी, संबंधित तस्वीर के साथ उस स्थान की जीपीएस लोकेशन संबंधित अधिकारी के पास चली जाएंगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी कार्रवाई की जानकारी भी ऐप पर अपलोड कर सकेगा।
दोतरफा सूचनाओं के आदान-प्रदान से बेहतर काम होगा। हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। स्थानीय स्तर पर तैयार साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
इसके साथ ही ईपीसीए इस तरह की सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा। जिसे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की पहचान हो सकेगी।
उनपर कार्रवाई करना भी आसान होगा। ऐप को ईपीसीए की आधिकारिक वेबसाइट से मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा इसे गूगल या एपल प्लेस्टोर पर भी यह उपलब्ध है।