दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इससे इंकार किया है कि उन्होंने 19 फरवरी को फोन कर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को धमकाया था। उनका कहना था कि वह उपमुख्यमंत्री होने के नाते मुख्य सचिव को फोन करते रहते हैं।
गौरतलब है कि पुलिस ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश मारपीट मामले में शुक्रवार शाम को उपमुख्यमंत्री से उनके मथुरा रोड स्थित सरकारी आवास पर पूछताछ की थी। उत्तरी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेन्द्र कुमार सिंह की देखरेख में सिविल लाइंस एसीपी अशोक त्यागी, सिविल लाइंस थानाध्यक्ष करण सिंह, एटीओ ज्ञानेश्वर सिंह, एएटीएस प्रभारी विवेकानंद झा और सिविल लाइंस थाने में तैनात एसआई अभिजीत ने करीब पौने तीन घंटे पूछताछ की थी।
पूछताछ करने वाली टीम के एक सदस्य ने बताया कि सिसोदिया ने टीम से न तो पानी पूछा और न ही चाय पिलाई। पुलिसकर्मी अपने साथ पानी भी नहीं ले गए थे। सिसोदिया से 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि मुख्य सचिव से मारपीट नहीं हुई। बैठक में मुख्यमंत्री बैठे हुए थे इस कारण उन्होंने हंगामा होने पर हस्तक्षेप नहीं किया था। उपमुख्यमंत्री बैठक में हंगामा होने की बात मानते हैं।