दो दिन पहले आरडी सिटी गेट पर हथियार दिखाकर फॉरेक्स (मनी एक्सचेंजर) कंपनी कर्मी से मारपीट कर 6.53 लाख की लूटपाट की घटना को पुलिस ने सुलझा लिया है। गिरफ्त में आए पांचों आरोपियों से खुलासा हुआ कि कंपनी संचालक के भतीजे ने अपने दोस्त और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस लूट को अंजाम दिया था। पुलिस ने मुख्य सरगना तौकिर समेत वारदात में प्रयोग वैगन आर गाड़ी और हथियार बरामद कर लिया है। पुलिस फरार छठे आरोपी और लूटी गई रकम की तलाश कर रही है।
डीसीपी क्राइम राजीव देसवाल ने बताया कि इस पूरी वारदात में कंपनी के मालिक इरफान के भतीजे तौकिर ने मुख्यारोपी के रूप में भूमिका निभाई। दिल्ली निवासी आरोपी तौकिर को पता था कि उसके चाचा की कंपनी से रोजाना 15-20 लाख रुपये के कैश का लेनदेन होता है। उसने अपने दोस्त निलेश उर्फ नीलू के साथ योजना बनाकर दीपक कुमार उर्फ सोनू, अनिल उर्फ चाचा, विजय, निलेश उर्फ नीलू व एक अन्य के साथ मिलकर लूटपाट की साजिश रची।
17 अप्रैल को कंपनी में बतौर मैनेजर विनय कुमार 6 लाख 52 हजार 800 रुपये लेकर दिल्ली से हुडा सिटी सेंटर मेट्रो उतरा। जहां से वह स्कूटी लेकर पेमेंट जमा करने सेक्टर-52 की तरफ जा रहा था। डीसीपी के मुताबिक आरोपी ने इसकी रेकी करते हुए बाकी साथियों को उस युवक को निशाना बनाने की बात कही, जिस पर आरडी सिटी गेट नंबर 3 के सामने दोपहर 12.30 बजे आरोपियों ने वैगन आर गाड़ी से टक्कर मारकर स्कूटी सवार को रुकवा दिया। वह कुछ समझ पाता इतने में आरोपियों ने उसे घेरते हुए पिस्तौल की बट्ट मारते हुए रुपयों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। सेक्टर-56 थाना पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद अपराध शाखा सेक्टर-39 जांच में जुट गई थी।
अपराध शाखा निरीक्षक वरुण दहिया व सेक्टर-40 थाना प्रभारी निरीक्षक ललित की टीम ने संयुक्त प्रयास से निलेश को दबोचा। वारदात के 12 घंटे के भीतर पुलिस टीम ने पांच आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों से वैगन आर गाड़ी व अवैध पिस्तौल बरामद कर ली लेकिन रुपये बरामद नहीं हो सके।