सऊदी अरब के राजनयिक और उसके दोस्तों द्वारा दो नेपाली महिलाओं को बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने का मामला नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला के दरबार तक पहुंच गया है।
गुड़गांव की कैटरोइना सोसायटी से उन्हें मुक्त करवाने में अहम भूमिका अदा करने वाले मैती इंडिया के सदस्य बालकृष्ण पांडे के नेतृत्व में शनिवार को एक दल ने कोईराला से मुलाकात की।
इस दल ने कोईराला को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और एक ज्ञापन देकर पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग की।
भारत के पक्ष की सराहना की
पांडे के मुताबिक कोईराला ने भरोसा दिलाया है कि सऊदी अरब और भारत सरकार से बातचीत कर पीड़िताओं को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे।
रविवार या सोमवार को नेपाल के प्रधानमंत्री से दोनों पीड़िता मिलेंगी। पांडे ने बताया कि नेपाली पीएम ने इस प्रकरण में भारत और यहां की मीडिया की तारीफ की है।
नेपाल की कोशिश रहेगी कि राजनयिक पर सऊदी अरब खुद भी कार्रवाई करे। दोनों पीड़िताओं को नौकरी दिलाने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि दोनों पीड़ित महिलाएं इस बात पर अड़ी हुई हैं कि उन्हें न्याय मिले।
ये है पूरा घटनाक्रम
नेपाल दूतावास के पत्र, दार्जिलिंग की नीतू नामक लड़की और मैती इंडिया से जुड़े लोगों के बयानों के आधार पर पुलिस ने सात तारीख को कैटरोइना सोसायटी के एक फ्लैट में छापा मारा।
वहां से दो नेपाली महिलाओं को मुक्त कराया। इसके बाद पता चला कि यह फ्लैट सऊदी राजनयिक का है। सऊदी सरकार ने इस छापेमारी को विएना कन्वेंशन का उल्लंघन बताया।
मामला विदेश मंत्रालय तक पहुंच गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हस्तक्षेप के बाद सऊदी अरब ने राजनयिक को वापस बुलाया।
इस मामले में नेपाल सरकार ने मानव तस्कर कल्पना को पकड़कर जेल भेज दिया है लेकिन उसे गुड़गांव तक पहुंचाने वाला अनवर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।