112 वर्गमीटर से 2000 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर चार मंजिला बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डरों को पहले प्लॉट के पड़ोसियों से एनओसी लेनी होगी।
जब तक उस प्लॉट के ब्लॉक या लेन के सभी मकान मालिकों की सहमति नहीं मिल जाती, तब तक नए बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार जीडीए नक्शा पास नहीं करेगा। शनिवार को जीडीए ने बिल्डरों के लिए लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में बिल्डिंग बायलॉज संशोधन से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया।
इसमें जीडीए अधिकारियों ने नए संशोधनों की बारीकियां बताईं। बिल्डरों ने भी जीडीए अधिकारियों से सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान किया।
बीते दिनों प्रदेश सरकार की मुहर लगने के बाद शहर में नए संशोधनों को लागू कर दिया गया है। इसके बाद अब 112 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक पार्किंग के साथ चार मंजिला इमारतें बनाईं जा सकती हैं।
छोटे बिल्डरों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए संशोधनों के कई बिंदुओं पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसके चलते जीडीए ने यह प्रेजेंटेशन दिया। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि आसपास की आबादी और उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर नक्शे पास होंगे।
ताकि स्थानीय नागरिकों को परेशानी न हो। जीडीए वीसी संतोष यादव ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान ओएसडी एसवीएस रंगाराव, डीपी सिंह, चीफ इंजीनियर वीके गोयल, सीएटीपी एससी गौड़ रहे समेत सभी जीडीए अधिकारी रहे। एटीपी निकुंज जौहरी ने प्रेजेंटेशन दिया।