विद्युत निगम में बिलिंग में मनमानी किसी से छिपी नहीं है। बिल जमा करने और रीडिंग के लिए उपभोक्ता निगम कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं। विभाग के शीर्ष अधिकारियों से जब प्रभावित उपभोक्ताओं के आंकड़ों के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने बताने से गुरेज किया। वहीं, सूत्रों ने बताया कि करीब पांच उपभोक्ता सर्किल में बिलिंग की समस्या से प्रभावित हैं। यह आंकड़ा बड़ा भी हो सकता है।
क्या हैं जुर्माना लगने के प्रमुख कारण-
- एजेंसी गलत बिल बना दे
- मीटर खराब होने पर भी रीडिंग कर बिल बना दिया
- मीटर सही है और बिल खराब बना दिया
- घर बैठकर ही कर्मियों ने बिल बना दिया
- उपभोक्ता की लाईन कटी है और बिल आ गया
बिलिंग एजेंसी पर रीडिंग लेने और बिल भेजने की जिम्मेदारी है। रीडिंग, बिलिंग में लापरवाही देखते हुए एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। भविष्य में लापरवाही न बरती जाए। इसे लेकर सख्त हिदायत दी गई है।
- बीएल मौर्य, एसई, सर्किल द्वितीय
रीडिंग और बिलिंग में लापरवाही पर इंवेंटिव एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। शहर और देहात में करीब 5 हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं। इसे लेकर बिलिंग एजेंसी के खिलाफ जुर्माना लगाया है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम