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बिल्डिंग हादसा: दोनों ही इमारतों के निर्माण में बरती गई लापरवाही, बिना जांच के खड़ी कर दी इमारत

Thu, 19 Jul 2018 09:02 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में हुए हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस-प्रशासन इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटे हैं, लेकिन हादसे की सबसे बड़ी वजह बिल्डर की लापरवाही बताई जा रही है। तालाब की दलदली जमीन पर कमजोर नींव के भरोसे छह मंजिला इमारत आखिर कितने दिन तक टिकी रहती। दोनों ही इमारतों के निर्माण में अनियमितता बरती जा रही थी।

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जमींदोज हुई छह मंजिला इमारत का मलबा बिल्डर की लापरवाही की पोल खोल रहा है। इन इमारतों के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल तो किया ही गया। इसके साथ ही जिस जगह इमारतें बनाई गईं, वहां मिट्टी का परीक्षण करने की जरूरत भी नहीं समझी गई। आर्किटेक्ट अशोक अग्रवाल का मानना है कि कोई भी इमारत इस तरह तब ही ढह सकती है, जब उसकी नींव मजबूत न हो।

इस तरह के प्रोजेक्ट बनाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह और मिट्टी का परीक्षण कराया जाता है। इसके आधार पर ही पिलर और कॉलम का डिजाइन तय होता है। जमींदोज इमारत को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इमारत बनाने में भारी अनियमितता बरती गई जहां इमारत बनाई जा रही थी वहां की मिट्टी दलदली थी। 

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ये उठ रहे सवाल

building collapse shaberi - फोटो : अमर उजाला
प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि इमारत की नींव की गहराई ज्यादा नहीं थी और दलदल को खत्म करने के लिए मिट्टी भी सही से तरीके से नहीं भरी गई थी। इमारत से निकलने वाले पानी की निकासी का सही इंतजाम नहीं था। इमारत से निकलने वाला पानी नींव के आसपास ही रिस रहा था, जिससे कमजोर नींव और कमजोर होती चली गई। हाल ही में आई बारिश इस इमारत के लिए और बड़ा खतरा बन गई थी।

इमारत में बेसमेंट की खुदाई
कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाह जिंदगियों पर भारी पड़ गई। बताया जा रहा है कि कमजोर नींव पर इमारत खड़ी करने के बाद बिल्डर ने बेसमेंट की खुदाई शुरू कराई थी। तीन मंजिल से ऊंची इमारत नहीं बनाई जा सकती, इसके बाद भी बिल्डर ने छह मंजिला इमारत में दर्जन भर फ्लैट तैयार कर लोगों को बेच डाले।

ये उठ रहे सवाल
- जिस तरह की नींव थी उस पर एक या दो मंजिल ही इमारत टिक सकती थी, लेकिन बना दी गई छह मंजिला इमारत।
- स्ट्रक्चरल इंजीनियर से बिना मिट्टी का परीक्षण कराए किया निर्माण। भवन का नक्शा बनाए बिना किया निर्माण।
- 4 इंच की चिनाई के लिए 1:4 और 9 इंच की चिनाई के लिए 1:6 के मसाले का नहीं किया गया इंतजाम।
- जिस तरह की इमारत थी उसमें 6 एमएम से मजबूत सरिया का करना होता है इस्तेमाल, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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