building collapse shaberi
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प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि इमारत की नींव की गहराई ज्यादा नहीं थी और दलदल को खत्म करने के लिए मिट्टी भी सही से तरीके से नहीं भरी गई थी। इमारत से निकलने वाले पानी की निकासी का सही इंतजाम नहीं था। इमारत से निकलने वाला पानी नींव के आसपास ही रिस रहा था, जिससे कमजोर नींव और कमजोर होती चली गई। हाल ही में आई बारिश इस इमारत के लिए और बड़ा खतरा बन गई थी।
इमारत में बेसमेंट की खुदाई
कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाह जिंदगियों पर भारी पड़ गई। बताया जा रहा है कि कमजोर नींव पर इमारत खड़ी करने के बाद बिल्डर ने बेसमेंट की खुदाई शुरू कराई थी। तीन मंजिल से ऊंची इमारत नहीं बनाई जा सकती, इसके बाद भी बिल्डर ने छह मंजिला इमारत में दर्जन भर फ्लैट तैयार कर लोगों को बेच डाले।
ये उठ रहे सवाल
- जिस तरह की नींव थी उस पर एक या दो मंजिल ही इमारत टिक सकती थी, लेकिन बना दी गई छह मंजिला इमारत।
- स्ट्रक्चरल इंजीनियर से बिना मिट्टी का परीक्षण कराए किया निर्माण। भवन का नक्शा बनाए बिना किया निर्माण।
- 4 इंच की चिनाई के लिए 1:4 और 9 इंच की चिनाई के लिए 1:6 के मसाले का नहीं किया गया इंतजाम।
- जिस तरह की इमारत थी उसमें 6 एमएम से मजबूत सरिया का करना होता है इस्तेमाल, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।