‘नीतिश की हत्या ऑनर किलिंग थी। इसके लिए तीनों दोषियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।’ शुक्रवार को नीतिश कटारा की मां नीलम कटारा ने हाईकोर्ट में यह दलील दी। इसके साथ ही तीनों की सजा पर जिरह पूरी हो गई है। कोर्ट ने अब 18 जुलाई की तारीख तय की है।
जस्टिस गीता मित्तल व जस्टिस जेआर मीढा की पीठ के समक्ष नीलम कटारा ने कहा कि निचली अदालत व हाईकोर्ट मामले को पहले ही ऑनर किलिंग बता चुकी हैं। वह केवल इतना कहना चाहती हैं कि ऑनर किलिंग को जघन्य श्रेणी में रखा गया है इनमें मौत की सजा ही दी जानी चाहिए।
दोषियों की सजा पर जिरह पूरी करते हुए वकील पीके डे ने कहा कि एक शख्स की क्रूरता के साथ हत्या के बाद जला दिया गया। यह ऑनर किलिंग है और यह जघन्य है। दोषियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।
निचली अदालत के फैसले का हवाला देते हुए अधिवक्ता डे ने कहा कि शरीर को जलाना केवल साक्ष्य मिटाना नहीं है। यह जघन्य मामला है, जिसने पूरे समाज को हिला कर रख दिया।
दोषियों की सजा को बढ़ाने की मांग करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया है। फरवरी 2002 से 2013 के बीच ये 11 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। ये समाज के लिए खतरा हैं और इनके सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। इनके लिए मौत ही एकमात्र सजा है।