फिजिक्स अनुवादक, डॉक्टर और शिक्षक पर प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल होने का आरोप, अब तक 13 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सीबीआई की याचिका स्वीकार करते हुए एनटीए के पेपर तैयार करने वाले समूह की फिजिक्स अनुवादक मनीषा संजय हवालदार, लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे और फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को जेल भेजने का आदेश दिया।
मनीषा हवालदार की सीबीआई हिरासत शनिवार को दो दिन बढ़ाई गई थी, जबकि डॉ. शिरुरे और तेजस शाह को 27 मई को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया था।
सीबीआई के अनुसार, मनीषा हवालदार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और पैसे के लालच में नीट-यूजी का प्रश्नपत्र अवैध रूप से साझा किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि डॉ. मनोज शिरुरे ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज के संचालक शिवराज मोटेगांवकर के बेटे समेत तीन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, पुणे की डॉ. आभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी के शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह पर मनीषा हवालदार से लीक हुए फिजिक्स प्रश्न प्राप्त करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।