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दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्रों को देनी होगी नीट (NEET) परीक्षा

Sun, 22 May 2016 02:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई संयुक्त मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली नीट (NEET) को दिल्ली में इसी साल से लागू किया जाएगा। 
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इस बारे में दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के ‌लिए नीट को लागू करने के लिए रविवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है जिसमें इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार मेडिकल कॉलेजों की सीटे बेचे जाने के गोरखधंधे के खिलाफ है और यही कारण है कि हमने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और वाइस चासंलरों की बैठक बुलाई है जिसमें नीट को कैसे लागू किया जाए इस पर विचार किया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेजों में सीटों को बेचने की बात पर जोर देते हुए सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा माफिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है जो मेडिकल कॉलेजों से लेकर इंजीनियरिंग तक की सीटों की सौदेबाजी करते हैं जिस पर लगाम लगाए जाने की जरुरत है।

सिसोदिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन के आधार पर सीटें दी जाती हैं और इसी से समझा जा सकता है कि इस तरह प्रवेश पाने वाले छात्र किस तरह के डॉक्टर बनेंगे। ऐसे में जरूरी है कि एक ऐसी व्यवस्‍था विकसित की जाए जिससे इस धांधली पर रोक लग सके।

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा नीट पर लाए जा रहे अध्यादेश का विरोध किया था क्योंकि इसमें राज्य बोर्डों को नीट से अलग रखने की बात की गई है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस अध्यादेश पर राष्ट्रपति ने विशेषज्ञों की सलाह मांगी है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने राष्ट्रपति के इस कदम की तारीफ की है।
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दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

- फोटो : अमर उजाला
नीट से राज्य के मेडिकल कॉलेजों को बाहर रखने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश पर राष्ट्रपति से हस्ताक्षर न करने का आग्रह दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने किया है।

इस संबंध में डीएमए की ओर से राष्ट्रपति को पत्र लिखा गया है। डीएमए का कहना है कि राज्य मेडिकल कॉलेजों में भी भ्रष्टाचार के मामले होते हैं, लिहाजा उन्हें भी छूट नहीं मिलनी चाहिए।

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जो काम सरकार को करना चाहिए था वह न्यायपालिका कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिख कर नीट के खिलाफ केंद्र की ओर से लाए जा रहे अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया गया है।

डीएमए ने कहा कि नीट के तहत मेडिकल में दाखिले के एक एग्जाम से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता। चिकित्सा जगत से जुड़े समुदाय पूरी तरह से नीट का समर्थन करते हैं और इसे हर हाल में इसी वर्ष से हर स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।
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