देश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई संयुक्त मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली नीट (NEET) को दिल्ली में इसी साल से लागू किया जाएगा।
इस बारे में दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट को लागू करने के लिए रविवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है जिसमें इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार मेडिकल कॉलेजों की सीटे बेचे जाने के गोरखधंधे के खिलाफ है और यही कारण है कि हमने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और वाइस चासंलरों की बैठक बुलाई है जिसमें नीट को कैसे लागू किया जाए इस पर विचार किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में सीटों को बेचने की बात पर जोर देते हुए सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा माफिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है जो मेडिकल कॉलेजों से लेकर इंजीनियरिंग तक की सीटों की सौदेबाजी करते हैं जिस पर लगाम लगाए जाने की जरुरत है।
सिसोदिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन के आधार पर सीटें दी जाती हैं और इसी से समझा जा सकता है कि इस तरह प्रवेश पाने वाले छात्र किस तरह के डॉक्टर बनेंगे। ऐसे में जरूरी है कि एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे इस धांधली पर रोक लग सके।
बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा नीट पर लाए जा रहे अध्यादेश का विरोध किया था क्योंकि इसमें राज्य बोर्डों को नीट से अलग रखने की बात की गई है।
केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस अध्यादेश पर राष्ट्रपति ने विशेषज्ञों की सलाह मांगी है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने राष्ट्रपति के इस कदम की तारीफ की है।