डायलिसिस चक्र भी होंगे कम
शोधार्थियों ने बताया, नीरी केएफटी में पुनर्नवा, वरुण, सिगरु, सारिवा, कासनी,मकोय, शिरीष आदि औषधीय पादप शामिल किए गए हैं। किडनी रोगों में यह औषधियां काफी असरदार हैं। साथ ही इसके इस्तेमाल से डायलिसिस चक्र भी कम किए जा सकते हैं।
लक्षण
जलोदर में पेट की झिल्लीदार परतों के बीच तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। इस बीमारी के मुख्य लक्षण पैर के निचले हिस्से में सूजन आना, भूख कम लगना, पेट फूलना, थकावट और सांस लेने में तकलीफ होना, वजन बढ़ना आदि शामिल है।
प्रभाव
लंबी अवधि में यह यकृत, गुर्दे तथा दिल को भी प्रभावित कर सकता है।