दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप के ताजा झटकों से घबराने नहीं बल्कि तैयारी करने तथा एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है। यह बात बृहस्पतिवार को नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के निदेशक बीके बंसल ने कही। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की बैठक में उन्होंने कहा कि दिल्ली एनसीआर में हल्के भूकंप आना नहीं बात नहीं है। इसलिए घबराने की बजाय भूकंप के असर को कम करने के लिए तैयारी करने की जरूरत है। विश्व में अभी ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो भूकंप के केंद्र, समय तथा असर का सटीक पूर्वानुमान लगा सके।
एनडीएमए ने राज्यों से अनुरोध किया कि वह अपने यहां नियमों का पालन करवाते हुए भूकंपरोधी इमारतों का निर्माण करवाएं। इसके अलावा खस्ताहाल लाइफलाइन इमारतों की पहचान कर उन्हें रेटरोफिट करवाएं। निजी इमारतों को भी चरणबद्ध तरीके से रेटरोफिट करवाएं। राज्य नियमित रूप से मॉक ड्रिल करें और भूकंप आने पर की जाने वाले कार्यों की मानकीकृत प्रक्रिया तैयार करें। वहीं लोगों को भी जागरूक करें कि भूकंप की स्थिति में वह क्या करें और क्या न करें।
यह बैठक दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के जोखिम को कम करने की तैयारियों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। इसमें एनडीएमए, एनडीआरएफ के निदेशक तथा दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा तथा यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने वॉइस कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हिसा लिया। उल्लेखनीय पिछले तीन माह के दौरान करीब एक दर्जन हल्के भूकंप दिल्ली-एनसीआर में आ चुके हैं।