एनडीएमसी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी समिति की बैठक में निगम के उन कर्मचारियों के वेतन और भत्ते का मसला सुलझा लिया गया जो इस समय समिति में प्रतिनियुक्ति पर हैं। सोमवार को एनडीएमसी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी दी।
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ को एनडीएमसी के वकील ने सूचित किया कि शीर्ष अदालत के पिछले सप्ताह के आदेश के अनुसार 7 दिसंबर को ऐसे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के भुगतान के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक बैठक हुई।
बता दें कि शीर्ष अदालत ने 6 दिसंबर को अपनी टिप्पणी में कहा था कि एनडीएमसी के अध्यक्ष समिति को अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं। न्यायालय ने अध्यक्ष को साफ कर दिया था कि शीर्ष अदालत के निर्देश पर यह समिति बनी है और निगरानी समिति को किसी भी प्रकार की असुविधा को अप्रत्यक्ष रूप से न्यायालय को पहुंचायी गई असुविधा माना जायेगा।