उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली में उद्यान विभाग के कुल 6095 पार्क हैं और इनमें से 1791 पार्कों में ट्यूबवेल लगे हुए हैं। एनजीटी के आदेशानुसार 31 दिसंबर 2019 तक उत्तरी दिल्ली के तहत आने वाले 92 एकड़ में बने 401 पार्कों में लगे 99 सबमर्सिबल को बंद करना था, लेकिन यह कार्रवाई अभी जारी है।
फिलहाल करीब 10 सबमर्सिबल बंद कर दिए गए हैं और अन्य को भी जल्द बंद करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि पार्कों में अगर पेड़ पौधों के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती तो दिल्ली को हराभरा बनाने का सपना अधूरा रह जाएगा और कड़ी मेहनत से संजोए गए पेड़ पौधे सूख जाएंगे।
इस कार्रवाई के तहत करोलबाग क्षेत्र के पार्कों से 10, सिविल लाईन से 21, केशवपुरम से 17, शहरी सदर पहाडग़ंज से 09, रोहिणी से 21 और नरेला से 21 समससिबल बंद किए जाने हैं। इस मुद्दे को लेकर अन्य पार्षदों ने भी विरोध शुरू कर दिया है।
उद्यान विभाग से दिल्ली जल बोर्ड ने मांगे
इस मुद्दे को लेकर उद्यान विभाग ने पार्षद को जवाब दिया कि एसटीपी से पार्कों तक पानी पहुंचाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने 195 करोड़ रुपये की मांग की है। इस पैसे से दिल्ली जल बोर्ड पार्कों एसटीपी और पार्क के बीच में पाइप लाइन डालकर पानी पहुंचाएगा, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड के इस प्रस्ताव को निगम ने मानने से इंकार कर दिया। फिलहाल निगम किराए पर अतिरिक्त 16 टैंकर लेकर पार्कों में पानी की व्यवस्था करने की बात कह रहा है।