फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनसीआरटीसी ने एलिवेटेड रोड की डीपीआर बनाने से किया इंकार, यीडा जल्द निकालेगा नया टेंडर

Tue, 28 Aug 2018 11:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नोएडा एयरपोर्ट से आईजीआई एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की राह में अड़चन आ गई है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एनसीआरटीसी) ने इस रोड की डीपीआर बनाने से किनारा कर लिया है। 40 किलोमीटर लंबे और 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इसे प्रोजेक्ट का कंसलटेंट चुनने के लिए अब यीडा जल्द ही टेंडर निकालेगा।

विज्ञापन


यमुना प्राधिकरण जेवर में एयरपोर्ट को मल्टीमोड ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जोड़ना चाहता है। उसमें एलिवेटेड रोड के अलावा रैपिड ट्रेन व मेट्रो भी शामिल है। इसी के तहत एलिवेटेड रोड के जरिये आईजीआई को जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना  है। इसके लिए एनसीआरटीसी से डीपीआर बनवाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया है। इसे देखते हुए अब यीडा टेंडर के जरिये कंसलटेंट का चयन कर रिपोर्ट तैयार कराएगा।

हालांकि, एनसीआरटीसी ने रैपिड ट्रेन की डीपीआर बनाने पर राजीनामा दिया है। एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहीत होने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, परी चौक से जेवर में एयरपोर्ट तक मेट्रो योजना की डीपीआर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन तैयार कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है योजना

नोएडा के सेक्टर-71 से परी चौक होते हुए ग्रेटर नोएडा डिपो तक मेट्रो का ट्रायल चल रहा है। परी चौक से जेवर में एयरपोर्ट तक मेट्रो चलाई जानी है। इसके लिए डीएमआरसी से डीपीआर तैयार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये लगेंगे। 

दिल्ली-मेरठ रूट पर चलने वाली रैपिड ट्रेन के रूट पर न्यू अशोक नगर स्टेशन से जेवर तक लाइन बनाई जानी है। दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन न्यू अशोक नगर से गुजरेगी। यह सरायकाले खां तक जाएगी।

वहीं, दिल्ली से अलवर के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन भी सरायकाले खां से होकर गुजरेगी। इस तरह जेवर में एयरपोर्ट आईजीआई से जुड़ जाएगा।  एनसीआरटीसी ने डीपीआर बनाने की हामी भर दी है। इस प्रोजेक्ट पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 

एलिवेटेड रोड से जेवर में एयरपोर्ट को आईजीआई एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। अब इसकी डीपीआर बनवाने के लिए कंसलटेंट रखा जाएगा। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें