पावर स्ट्रक्चर तैयार करने में बजट की कमी अब दूर होने की उम्मीद है। नव निर्वाचित सांसद जनरल वीके सिंह ने गाजियाबाद सहित एनसीआर का विकास प्लानिंग बोर्ड के मानकों के तहत कराने की घोषणा की है।
इससे मंडल के बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर समेत छह जिलों में बिजली और पानी की दिक्कत दूर करने के लिए स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
पावर सेक्टर के लिए पहले तैयार की गई इस योजना को दिसंबर में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने बजट देने से इंकार कर दिया था। अब वीके सिंह की घोषणा से इसकी उम्मीद जगी है।
यह थी योजना
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने डेवलपमेंट प्लान 2030 तैयार किया था। इसमें 2500 करोड़ से पावर स्ट्रक्चर खड़ा होना था। धनराशि को ज्यादा मानते हुए यूपी शासन ने डेवलपमेंट प्लान 2022 तैयार कराया था। पावर सेक्टर केलिए इसमें 1242 करोड़ रुपये की जरूरत थी। प्लानिंग बोर्ड ने इसको देने के लिए गारंटी मांगी थी। राज्य सरकार ने इसकी गारंटी प्रदान कर बोर्ड को भेजी थी।
यह हुई थी गड़बड़ी
प्लानिंग बोर्ड ने कारपोरेशन को कामर्शियल संस्था बताकर बजट देने से इनकार कर दिया है। जबकि पावर कारपोरेशन कामर्शियल नहीं है। इसे दूर करने के लिए अफसरों ने प्रयास शुरू किए थे, मगर नतीजा नहीं निकला। बजट न होने से एनसीआर में पावर स्ट्रक्चर गड़बड़ा गया। कमजोर और सीमित संसाधन लगातार सप्लाई देने की स्थिति में नहीं है। पूरा सिस्टम ओवरलोड चल रहा है। ऐसे में ब्रेकडाउन होता है।
यह होना था काम
एनसीआर के छह जिलों में 33 केवीए के 144 बिजलीघरों का निर्माण होना था। इनमें गाजियाबाद में 35, हापुड़ में 50, बुलंदशहर में 21, गौतमबुद्धनगर में 15, बागपत में 7 और मेरठ में 16 बिजलीघरों के साथ इनके लिए लाइन भी तैयार की जानी थी। प्लानिंग तैयार कर ली गई है।
चीफ इंजीनियर राशिद अबरार ने बताया कि प्लानिंग बोर्ड को भेजा गया पावर स्ट्रक्चर तैयार है। बजट जारी होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। कारपोरेशन अफसर भी इसके लिए लगातार पहल कर रहे हैं। यदि बजट मिल जाता है तो एनसीआर की बिजली समस्या दूर हो जाएगी।