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मिली नई तारीख: NBCC ने बढ़ाई आम्रपाली प्रोजेक्टों में कब्जे की तिथि, ड्रीमवैली में दिवाली पर मिलना था कब्जा

Wed, 13 Dec 2023 03:47 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी को प्रोजेक्टों को पूरा कर रहा है। एनबीसीसी ने दिसंबर, 2023 से जनवरी, 2024 तक प्रोजेक्टों को पूरा कर कब्जा देने का समय दिया था, लेकिन एक भी प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
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फाइल फोटो - फोटो : Twitter
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विस्तार
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आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों का कब्जा मिलने का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। अब एक बार फिर एनबीसीसी ने कब्जा देने के समय में बदलाव किया है। ग्रेनो वेस्ट स्थित आम्रपाली ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट के 2,166 खरीदारों को दिवाली पर कब्जा मिला था, लेकिन अब एनबीसीसी ने जनवरी, 2024 तक कब्जा देने की नई तारीख दी है।

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वहीं, अन्य चार प्रोजेक्टों में भी कब्जा देने के समय में बदलाव हुआ हैं। जिससे खरीदार मायूस हैं। ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के पांच प्रोजेक्ट हैं। इनमें ड्रीमवैली-2, सेंचुरियन पार्क, लेजर पार्क, वेरोना हाइट्स व गोल्फ होम्स प्रोजेक्ट हैं। जहां 32 हजार से अधिक खरीदार फंसे थे। इनका निर्माण अलग-अलग फेज और अलग-अलग नाम से हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी को प्रोजेक्टों को पूरा कर रहा है। एनबीसीसी ने दिसंबर, 2023 से जनवरी, 2024 तक प्रोजेक्टों को पूरा कर कब्जा देने का समय दिया था, लेकिन एक भी प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अब भी करीब 25 हजार खरीदार इंतजार कर रहे हैं।
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खरीदारों ने बताया कि एनबीसीसी ने ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट के 2166 खरीदारों को दिवाली तक कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन कब्जा नहीं दिया गया। अब एनबीसीसी ने अपनी वेबसाइट पर कब्जा देने का समय बदल दिया है और इन खरीदारों को अब जनवरी, 2024 तक कब्जा मिलेगा। हालांकि खरीदारों का कहना है कि जनवरी में भी कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। वहां पर अभी बिजली आपूर्ति नहीं है। साथ ही एसटीपी भी शुरू नहीं हो सका है। यह पहली बार नहीं है कि कब्जा मिलने का समय बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष मई, सितंबर और नवंबर में भी कब्जा देने का समय दिया गया था। इसी तरह अन्य प्रोजेक्टों के खरीदारों को भी इंतजार करना पड़ेगा।

लिफ्ट की घटना भी बनी देरी का कारण
ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट में लिफ्ट गिरने से 9 मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद निर्माणाधीन साइट को बंद कर दिया गया था। करीब 15 दिन तक साइट बंद रही थी। इस कारण भी प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हुई। इसके अलावा फंड, कोविड भी कारण बना है। एफएआर पर फैसला भी देरी से आया।

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