किसानों ने सरकार की नीतियों से नाराज होकर एक महीने के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। इसकी रणनीति 30 जून को मुरादाबाद में बनाई जाएगी। उसके बाद पांच और छह जून को दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
किसानों ने जून के शुरूआत में दस दिन तक शहरों का बहिष्कार किया था। सब्जियों और दूध को सड़कों पर फेंका था, उसके बावजूद किसी अधिकारी ने किसानों की सुध नहीं ली। इसके चलते आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था।
शुक्रवार को हरियाणा के पलवल में किसान संगठनों की आपात बैठक की गई। उसमें निर्णय लिया गया कि 26 जुलाई से 26 अगस्त तक देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसकी योजना 30 जून को मुरादाबाद में बनाई जाएगी। मुरादाबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि शहरों को किस-किस सामान की आपूर्ति बंद की जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि 30 जून को आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के बाद पांच व छह जुलाई को दिल्ली के गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न राज्यों में आंदोलन को संचालित करने के लिए जिम्मेदारी बांटी जाएंगी। इस बार का आंदोलन निर्णायक होगा। किसान हर हाल में अपनी मांग स्वीकार कराकर ही हटेंगे।